Palamu (Santosh Srivastav) : जली खोपड़ी और कंकाल मिलने के बाद पलामू सदर पुलिस का माथा ठनक गया था। पुलिस जी-जान से इस केस को सुलझाने में जुट गई। मटपुरही इलाके में यह कंकाल मिला था। पुलिस कॉल डंपिंग के जरिये वहां एक्टिव मोबाइल को खंगालने में लग गई। चार दिनों बाद बाप की गुमशुदगी की रपट दर्ज कराने थाना पहुंचे बेटे पर पुलिस को शक हो गया। पुलिस ने बाप-बेटे का मोबाइल नंबर मांगा। नंबर मिलते ही कंकाल मिलने के पीछे का सारा राज खुल गया। बेटा टूट गया और पुलिस के सामने अपना गुनाह कबूल कर लिया।
बेटा राकेश ने राज खोला कि 20 साल पहले उसकी मां की मौत हो गई थी, तब पिता उदय कुमार वैद्य ने दूसरी शादी कर ली। छत्तीसगढ़ में रहने लगे। वे कभी-कभी पलामू के मेदिनीनगर आते थे। सौतेली मां और सौतेले भाई-बहनों का ही ख्याल रखा करते थे पापा। उसे कोई मदद नहीं करते थे। दादा-परदादा की जमीन-जायदाद में भी कोई हिस्सा नहीं दे रहे थे। उनका यह पैतृक संपत्ति गढ़वा के परसोडीह गांव में है। 10 जनवरी को पिता पलामू आये थे। तब उन्हें घुमाने के बहाने सुनसान जगह मटपुरही में ले गये। वहां राकेश ने अपने साला पंकज कुमार मिश्रा की मदद से पिता को खून कर दिया। गला घोंट कर उन्हें मार डाला। साला पंकज से पेट्रोल मंगवाया और फिर डेड बॉडी को जला दिया। साला ने पिता के फोन को तोड़ दिया था। टूटे हालत में मोबाइल चैनपुर में मिला। इस कांड का खुलासा करने में इंस्पेक्टर राजवल्लभ पासवान एवं सदर के थानेदार गौतम कुमार की सराहनीय भूमिका रही। सुनें क्या बोले SDPO ऋषभ गर्ग…
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