Ranchi: राजधानी रांची की सड़क व्यवस्था को अब नये तरीके से सुधारा जायेगा। शहर की सड़कों की हालत के आधार पर उनकी ग्रेडिंग होगी और उसी के अनुसार मरम्मत, रखरखाव या पुनर्निर्माण का फैसला लिया जायेगा। रांची नगर निगम ने शहर में रोड ग्रेडिंग सिस्टम लागू कर दिया है। इसके तहत निगम क्षेत्र की प्रमुख और आंतरिक सड़कों का गुणवत्ता के आधार पर सर्वे किया जा रहा है। उद्देश्य है कि सड़क निर्माण और रखरखाव को अधिक व्यवस्थित, पारदर्शी और प्रभावी बनाया जा सके।
चार श्रेणियों में बांटी जायेंगी शहर की सड़कें
नगर निगम के अनुसार, सभी 53 वार्डों में जूनियर इंजीनियर, सहायक अभियंता और संबंधित टीमों द्वारा सड़क सर्वेक्षण किया जा रहा है। निरीक्षण के बाद सड़कों को चार श्रेणियों में रखा जायेगा, जैसे, गुड श्रेणी: नियमित रखरखाव और निगरानी। एवरेज श्रेणी: पैचवर्क और हल्की मरम्मत। पुअर श्रेणी: प्राथमिकता के आधार पर मरम्मत। वेरी पुअर श्रेणी: सड़क का पुनर्निर्माण। इस व्यवस्था से यह स्पष्ट हो सकेगा कि किस सड़क को तुरंत सुधार की जरूरत है और कहां बड़े स्तर पर काम करना होगा।
बजट का होगा बेहतर इस्तेमाल
नगर निगम का मानना है कि रोड ग्रेडिंग सिस्टम से सड़क निर्माण और मरम्मत कार्यों में पारदर्शिता आयेगी। अब योजनाएं केवल शिकायतों के आधार पर नहीं, बल्कि सड़कों की वास्तविक स्थिति के वैज्ञानिक आकलन के आधार पर बनाई जायेंगी। इससे उपलब्ध बजट का सही जगह इस्तेमाल हो सकेगा। कांके रोड से हरमू बाइपास तक मॉडल कॉरिडोर बनेंगे। राजधानी के प्रमुख मार्गों को आधुनिक सुविधाओं से लैस मॉडल कॉरिडोर के रूप में विकसित करने की तैयारी है। इसके लिये कांके रोड, राम मंदिर से रातू रोड चौक, हरमू बाइपास
सिरमटोली सहित अन्य महत्वपूर्ण मार्गों का चयन किया गया है। इन सड़कों पर अतिक्रमण हटाने, फुटपाथ निर्माण, आधुनिक स्ट्रीट लाइट, हरियाली बढ़ाने, ड्रेनेज व्यवस्था सुधारने, ट्रैफिक प्रबंधन और सौंदर्यीकरण जैसे काम चरणबद्ध तरीके से किये जायेंगे।
बारिश के बाद जलजमाव वाले इलाकों पर विशेष नजर
नगर आयुक्त सुशांत गौरव ने मीडिया को बताया कि नगर निगम और रोड कंस्ट्रक्शन विभाग मिलकर शहर के आधारभूत ढांचे को मजबूत करने की दिशा में काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कई महत्वपूर्ण सड़कों की ग्रेडिंग शुरू हो चुकी है और इसी रिपोर्ट के आधार पर मरम्मत, पुनर्निर्माण और विकास कार्यों की प्राथमिकता तय की जायेगी। मानसून के दौरान जलजमाव और खराब सड़कों वाले क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। बारिश खत्म होने के बाद इन इलाकों में सड़क और ड्रेनेज की स्थायी व्यवस्था विकसित करने की योजना है। नगर निगम का लक्ष्य केवल गड्ढे भरना नहीं, बल्कि रांची के पूरे सड़क नेटवर्क को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार करना है। रोड ग्रेडिंग सिस्टम और मॉडल कॉरिडोर परियोजना के पूरा होने के बाद राजधानी में सड़क सुरक्षा, यातायात सुविधा और शहर की खूबसूरती में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।






