Hazaribagh(Sunil Sahu) : लोन की जरूरत, आसान किस्तों का झांसा और फिर पल भर में उड़ती मेहनत की कमाई। हजारीबाग में ऐसा ही ठगी का सुनियोजित खेल पुलिस ने समय रहते बेनकाब कर दिया है। मुद्रा बैंक से लोन दिलाने के नाम पर ऑनलाइन ठगी करने वाले गिरोह के 9 सदस्यों को पुलिस ने धर दबोचा है। यह बड़ी कार्रवाई उस वक्त हुई, जब हजारीबाग के पुलिस कप्तान अंजनी अंजन को गुप्त सूचना मिली कि कुछ शातिर अपराधी फर्जी संस्थाओं के नाम पर लोगों को सस्ते ब्याज पर लोन दिलाने का झांसा देकर प्रोसेसिंग फीस और अन्य चार्ज के नाम पर मोटी रकम ऐंठ रहे हैं। खबर है कि यह गिरोह विनोबा भावे नगर, सिंदूर क्षेत्र में एक्टिव था। मामले की गंभीरता को देखते हुये सदर के SDPO IPS अमित कुमार के नेतृत्व में स्पेशल टीम बनाई गई। गठित टीम ने बिना वक्त गंवाये बताये गये ठिकाने पर छापा मारा और मौके से 9 अभियुक्तों को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।छापेमारी में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है।पुलिस को मौके से ठगी के कई अहम सबूत मिले हैं। पुलिस ने एक मारुति सुजुकी ब्रेजा कार, विभिन्न कंपनियों के 27 मोबाइल फोन, 7 सिम कार्ड, 23 रजिस्टर और कॉपी जब्त की है। इन रजिस्टरों में ठगी के शिकार लोगों के नाम, मोबाइल नंबर और लेन-देन का पूरा हिसाब-किताब दर्ज है, जिसने गिरोह के नेटवर्क की पोल खोल दी। इस संबंध में कोर्रा थाना (कांड संख्या 230/25) केस दर्ज किया गया है।
ऐसे फंसाते थे शिकार
पुलिस के अनुसार, आरोपी खुद को बैंक या लोन एजेंसी से जुड़ा अधिकारी बताकर लोगों का भरोसा जीतते थे। फिर आसानी से लोन दिलाने का लालच देकर प्रोसेसिंग फीस और अन्य शुल्क के नाम पर ऑनलाइन ठगी करते थे। लोन न मिलता था, न पैसा वापस। हजारीबाग पुलिस ने लोगों से साफ शब्दों में कहा है लोन के नाम पर आने वाले संदिग्ध कॉल, मैसेज या फर्जी संस्थाओं से सावधान रहें। किसी भी तरह की शंका होने पर तुरंत नजदीकी थाना या पुलिस को सूचना दें।




