Bihar : बिहार की सियासत इस बार कुछ और ही रंग में है। नवरात्र से पहले ही मैदान गरमा गया है। आरोप-प्रत्यारोप की बारिश के बीच सबसे ज्यादा चर्चा में हैं लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव, जिन्होंने अपनी नई पार्टी ‘टीम तेज प्रताप’ के बैनर तले चुनावी दांव खेला है। तेज प्रताप ने कहा, “जहां-जहां जा रहा हूं, वहां भीड़ उमड़ रही है। मनेर, अरवल, बेगूसराय में लोगों का समर्थन देख रहा हूं। बदलाव तय है। युवाओं को अब तक सही अवसर नहीं मिला, इसलिये सब हमारे साथ आ रहे हैं।” उन्होंने कहा कि “भगवान कृष्ण और महादेव का आशीर्वाद मेरे साथ है। हमें एक गोल्डन पीरियड मिला है। चाहे 14, 15 या 20 सीटें हों, जहां-जहां हम लड़ेंगे, असर दिखेगा।”
तेज प्रताप यादव ने आगे कहा कि “बिहार की सबसे बड़ी समस्या बेरोजगारी और पलायन है जब हम मंत्री थे, युवाओं को नियुक्ति पत्र दिये। आज हालात बिगड़ गये हैं। उद्यमियों को रोकना होगा, युवाओं को रोजगार देना होगा। यही हमारा मिशन है।” वहीं, “बिहार में अपराध बढ़ गया है। पटना की सड़कों पर गोलियां चल रही हैं। डॉक्टर की हत्या हो रही है। शराबबंदी सिर्फ नाम की है, होम डिलीवरी तक हो रही है। नीतीश जी का ‘सुशासन’ अब खोखला हो चुका है।” मीडिया घराने के बड़े समूह ”अमर उजाला ” को दिये इंटरव्यू में तेज प्रताप यादव ने कहा कि “मुख्यमंत्री कौन बनेगा, यह जनता तय करेगी। सत्ता की चाबी जनता के हाथ में है। लेकिन इतना तय है कि बिना कृष्ण के आशीर्वाद और बिना हमारी चाबी के ताला नहीं खुलेगा।”
चुनावी रणनीति
तेज प्रताप यादव ने कहा कि सभी सीटों पर चुनाव लड़ने का इरादा नहीं है। 14-20 सीटों पर उम्मीदवार उतारेंगे। युवाओं को प्राथमिकता देंगे। उनका महुआ सीट से चुनाव लड़ना पक्का है। एक और सीट से लड़ने की तैयारी, “यह दूसरी पार्टियों के लिये बड़ा झटका होगा। प्रशांत किशोर सिर्फ पोस्टर-बैनर और टीवी तक सीमित हैं। चिराग पासवान के पीछे पिता की विरासत है, लेकिन जनता अब जागरूक है। बेवकूफ नहीं बनेगी।”








