18 साल से कम उम्र के बच्चों पर सख्त नजर… जानें क्यों

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Garhwa(Nityanand Dubey) : झारखंड में बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा को लेकर सरकार अब और सख्त रुख अपनाने जा रही है। गढ़वा समाहरणालय में बुधवार को हुई एक महत्वपूर्ण बैठक में 18 साल से कम उम्र के बच्चों द्वारा वाहन चलाने पर प्रतिबंध, स्कूल ड्रॉपआउट्स पर कार्रवाई और बाल मजदूरी पर निगरानी जैसे बड़े फैसले लिये गये। बैठक की अध्यक्षता झारखंड राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के सदस्य उज्ज्वल प्रकाश तिवारी ने की। इसमें जिले के तमाम विभागों के अफसर शामिल हुये।

स्कूल के बाहर वाहन चेकिंग और चालान के आदेश

उज्ज्वल तिवारी ने कहा कि 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों द्वारा वाहन चलाना एक गंभीर मुद्दा बन चुका है। “यह दुर्घटनाओं का बड़ा कारण है, इसे अब किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जायेगा।” उन्होंने जिला परिवहन पदाधिकारी को निर्देश दिया कि सभी स्कूलों के बाहर नियमित वाहन जांच अभियान चलाएं। नियम तोड़ने पर सीधे चालान काटें। साथ ही, निजी स्कूलों के ड्राइवरों व खलासियों के चरित्र प्रमाणपत्र अपडेट रखने और यूनिफॉर्म में रहने की भी सख्त हिदायत दी गई।

बच्चों के लिए अलग बस स्टॉप होंगे विकसित

दुर्घटनाओं को रोकने के लिए तिवारी ने कहा कि बच्चों के लिए कम से कम छह समर्पित बस स्टॉपेज बनाए जाएं।
इसके लिए नगर निगम, ट्रैफिक पुलिस, CWC और अन्य विभागों को मिलकर काम करने का निर्देश दिया गया। बैठक में शिक्षा विभाग से कहा गया कि जो स्कूल बिना रजिस्ट्रेशन चल रहे हैं, उनका जल्द से जल्द पंजीकरण कराएं।
ड्रॉपआउट बच्चों को फिर से स्कूल से जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाने का आदेश दिया गया।

बाल श्रम पर सख्ती और शिकायत पेटियां लगाने का निर्देश

उज्ज्वल प्रकाश तिवारी ने बाल मजदूरी को लेकर भी बैठक में सख्त निर्देश दिये। वहीं कहा “श्रम, आपूर्ति, स्वास्थ्य और शिक्षा विभाग के साथ मिलकर नियमित छापेमारी हो।” साथ ही, सभी प्रखंडों और स्कूलों में बच्चों की शिकायतों के लिए सुझाव पेटियां लगाने को कहा गया, ताकि बच्चे खुलकर अपनी बात रख सकें।

मोबाइल लत और ब्लड डोनेशन पर चिंता

बैठक में बच्चों में मोबाइल की बढ़ती लत को लेकर चिंता जताई गई। जिला शिक्षा पदाधिकारी को निर्देश दिया गया कि सभी स्कूलों में जागरूकता अभियान चलाया जाये। साथ ही, 18 साल से कम उम्र के बच्चों को ब्लड डोनर से मुक्त रखने और उन्हें मुफ्त ब्लड उपलब्ध कराने की योजना पर भी काम करने को कहा गया।

बाल अधिकारों पर एकजुटता दिखाई

इस अहम बैठक में उप विकास आयुक्त पशुपतिनाथ मिश्रा, पुलिस उपाधीक्षक यशोधरा, सिविल सर्जन डॉ. जॉन एफ. कैनेडी, जिला शिक्षा पदाधिकारी कैसर रज़ा, खेल पदाधिकारी दिलीप कुमार, और जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।

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