Chaibasa (Rajiv Singh) : जवान युवक गुलशन गोप की हत्याकांड में पुलिस ने तीन संदेही गुनहगारों को धरकर जेल भेज दिया। इनमें सुखलाल सिंकु, युगल सिंकु और सेड़ेगा सिंकु शामिल हैं। तीनों जगन्नाथपुर थाना क्षेत्र के मोगरा गांव के रहने वाले हैं। सुखलाल और युगल दोनों भाई हैं। कांड का खुलासा करते हुए किरीबुरू एसडीपीओ अजीत कुमार कुजूर ने मीडिया को बताया कि बीते 11 मार्च की सुबह जेटेया मोड़ से पहले लोकेसाई गांव कुरीबुरू जंगल के पास मेन रोड के दाहिने किनारे गुलशन गोप की डेड बॉडी मिली थी।
चाईबासा पुलिस कप्तान आशुतोष शेखर ने गुलशन के कातिलों को गिरफ्तार करने का निर्देश दिया। नोवामुंडी थाना में हत्या का मामला दर्ज कर पुलिस तफ्तीश में जुट गई। नोवामुंडी इंस्पेक्टर वीरेन्द्र कुमार और थानेदार अंकिता सिंह की नेतृत्व में एक टीम गठित की गई। टीम ने ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए कांड का उद्भेदन कर दिया। मामले में सुखलाल सिंकु, युगल सिंकु और सेड़ेगा सिंकु को गिरफ्तार कर लिया। तीनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। एसडीपीओ ने बताया कि पुलिस को दिये अपने बयान में अरोपियों ने बताया कि मारे गये 22 साल के गुलशन गोप ने सुखलाल सिंकु को शेयर मार्केट में लगाने के लिए 6 लाख रुपये दिये थे। यह पैसे करीब डेढ़ साल पहले दिये गये थे। पैसे वापस मांगने पर सुखलाल सिंकु बिदकने लगा। वह हर बार कोई न कोई बहाना बना कर गुलशन गोप को टाल जाता था।
तब गुलशन गोप ने सुखलाल से पैसों के एवज में जमीन देने की मांग की। यह बात सुखलाल को रास नहीं आई। उसने खतरनाक इरादा बना लिया। युगल सिंकु और सेड़ेगा सिंकु के साथ मिलकर गुलशन को जान से मार डाला। उसे मारने के बाद हत्यारों ने सबूत मिटाने की भी कोशिश की थी।
पुलिस ने गिरफ्तार अभियुक्तों के पास से हत्या में प्रयुक्त लगभग 3 फीट की मजबूत खून लगी लकड़ी, खून से सने अभियुक्तों के कपड़े और जूते, साक्ष्य मिटाने के लिए जलाए गये अवशेष को जब्त किया गया है।
इस हत्याकांड का खुलासा करने में इंस्पेक्टर वीरेन्द्र कुमार, नोवामुंडी थानेदार अंकिता सिंह, एसआई सुजित कुमार, एएसआई करुणाकर तिवारी, शौकत अली, नागेन्द्र राम की सराहनीय भुमिका रही।
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