Garhwa(Nityanand Dubey) : गढ़वा की गलियों में महकते चाट-पकौड़े और ठेले पर सजी रंग-बिरंगी प्लेटों के बीच अब केवल स्वाद नहीं, सेहत की जिम्मेदारी भी तय होगी। बुधवार को सिविल सर्जन कार्यालय का सभागार इसी संदेश से गूंज उठा। राज्य खाद्य सुरक्षा विभाग के निर्देश पर एक दिवसीय प्रशिक्षण सह जागरूकता कार्यक्रम हुये। इसके पीछे मकसद साफ था कि शहर में बिकने वाले खाने की गुणवत्ता सुनिश्चित करना एवं आम लोगों के स्वास्थ्य की सुरक्षा करना। सिविल सर्जन डॉ. जॉन एफ कैनेडी ने साफ कहा कि दूषित खाना बीमारियों का कारण बन सकता है। वेंडर्स को चेताया गया कि कमाई से पहले लोगों की सेहत को प्राथमिकता दें। अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. आर.एस. सिंह ने हर स्ट्रीट फूड वेंडर के लिये FSSAI रजिस्ट्रेशन अनिवार्य बताया, वहीं कहा कि बिना पंजीकरण कारोबार करने पर कार्रवाई होगी।
खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी दीपश्री ने एक-एक नियम समझाते हुये कहा कि हेडकैप, एप्रॉन और ग्लव्स पहनना जरूरी है। शुद्ध पानी और कच्चे माल का इस्तेमाल हो, तेल का इस्तेमाल तीन बार से ज्यादा नहीं करें। केवल फूड ग्रेड रंगों का सीमित उपयोग करें। अखबार या घटिया प्लास्टिक में पैकिंग पर पूरी तरह बैन लगे। वहीं, कार्बाइड से पके फल बेचने पर भी सख्त रोक लगे। कार्यक्रम में खाद्य सुरक्षा कार्यालय से विवेक तिवारी, संतोष कुमार, ज्ञान सिटी एजुकेशनल ट्रेनिंग एजेंसी से मदन कुमार, ओमप्रकाश एवं गढ़वा सदर के दर्जनों स्ट्रीट फूड वेंडर्स मौजूद थे।
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