Ranchi : मास्को की सर्द हवाओं के बीच जब विजय की 80वीं वर्षगांठ का उत्सव अपने शबाब पर था, तब एक भारतीय प्रतिनिधि रांची की जमीन से निकले, सादगी और राष्ट्रभक्ति का मेल संजय सेठ, लाल दीवारों वाले क्रेमलिन की छांव में, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मिले। ये केवल एक औपचारिक मुलाकात नहीं थी, ये था दो राष्ट्रों की उन स्मृतियों का मिलन, जो युद्ध, बलिदान और सहयोग की तपती आग में एक साथ तपे थे। संजय सेठ की आंखों में अपने देश के वीरों का तेज था और उनकी आवाज में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की दृढ़ता। उन्होंने मास्को की ऐतिहासिक भूमि पर खड़े होकर पुतिन को धन्यवाद दिया, “भारत की आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में आपके साथ की यह दोस्ती, हर भारतीय को विश्वास देती है।” विजय दिवस परेड की झांकी में जब टैंकों की लय पर इतिहास झूम रहा था, तब भारत के प्रतिनिधि ने उन सेनानियों की समाधि पर नमन किया। रक्षा राज्य मंत्री सेठ ने X पर पोस्ट कर कहा कि वे रूसी उप रक्षा मंत्री कर्नल जनरल अलेक्जेंडर फोमिन के साथ द्विपक्षीय बैठक में शामिल हुये। इस बैठक में बहुआयामी सैन्य और सैन्य-तकनीकी सहयोग पर सकारात्मक चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि हमने मौजूदा संस्थागत तंत्र के ढांचे के भीतर इन संबंधों को और गहरा करने पर सहमति जताई। भारत और रूस भविष्य में भी नियमित परामर्श जारी रखेंगे और बदलती स्थिति में आपसी सहयोग बढ़ायेंगे।
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