Kohramlive : यूक्रेन पर रूस का विनाशकारी हमला एक बार फिर तबाही का मंजर छोड़ गया है। इस हमले में कम से कम 25 लोगों की मौत हो गई और दर्जनों लोग लहूलुहान हो गये। इस तबाही ने पूरे क्षेत्र में खौफ का माहौल पैदा कर दिया है। सबसे भीषण हमला डोनेट्स्क क्षेत्र के दोब्रोपिलिया शहर में हुआ, जहां रूसी सेना ने दो बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। इस हमले में 8 आवासीय इमारतें और एक शॉपिंग सेंटर मलबे में तब्दील हो गये। 11 मासूमों की जान चली गई और 40 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गये, जिनमें 6 बच्चे भी शामिल हैं।
इस हमले का दर्दनाक पहलू यह था कि जब बचाव दल मौके पर पहुंचा, तो रूस ने एक और हमला किया। राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने इस कायराना हरकत की निंदा करते हुये कहा, “रूस के इरादे अब भी वही हैं – केवल विनाश और आतंक फैलाना।” रूस की क्रूरता केवल दोब्रोपिलिया तक सीमित नहीं रही। ओडेसा और खार्किव में भी रूसी हमलों ने तबाही मचा दी, जिससे कई घर और बुनियादी ढांचे खंडहर में बदल गये।
अमेरिका की मदद बंद होते ही हमले हुये तेज
विशेषज्ञों का मानना है कि इस हमले के पीछे अमेरिका द्वारा यूक्रेन को सैन्य सहायता और खुफिया जानकारी साझा करने पर लगाई गई रोक एक बड़ा कारण है। अमेरिका के इस फैसले के बाद रूस ने अपने हमले और तेज कर दिए हैं। यूक्रेन में भय और अनिश्चितता का माहौल लगातार गहराता जा रहा है। जहां एक ओर रूस के हमलों का कहर जारी है, वहीं दूसरी ओर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस संघर्ष के समाधान के लिये प्रयास तेज हो गये हैं।












