Kohramlive desk : रूस भारत को एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम S-400 की डिलीवरी समय पर करेगा। रूस के राजदूत डेनिस अलीपोव ने यह जानकारी देते हुए बताया कि रूस द्वारा भारत को तय समय के मुताबिक, S-400 सिस्टम की डिलीवरी अच्छी तरह से हो रही है।
रूस के राजदूत का ये बयान ऐसे वक्त पर आया, जब यह चिंता जताई जा रही थी कि यूक्रेन पर सैन्य कार्रवाई के चलते रूस द्वारा भारत में सप्लाई होने वाले सैन्य उपकरणों की आपूर्ति में देरी हो सकती है। अलीपोव ने कहा, ”S-400 प्रणाली की आपूर्ति तय कार्यक्रम के मुताबिक अच्छी तरह से आगे बढ़ रही है। ”
रूस-भारत बहुआयामी सहयोग
अलीपोव ने कहा, ‘‘एस-400 प्रणाली की आपूर्ति तय कार्यक्रम के अनुसार अच्छी तरह से आगे बढ़ रही है.’’ राजदूत ने भारत और रूस के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना के 75वें वर्ष के अवसर पर ‘रशिया डाइजेस्ट’ पत्रिका में लिखी एक प्रस्तावना में यह टिप्पणी की । रूसी राजदूत ने कहा, ‘‘आज का रूस-भारत बहुआयामी सहयोग दुनिया के सबसे विस्तृत सहयोगों में से एक है। ’’ प्रस्तावना में अलीपोव ने यह भी कहा कि रूस और भारत उन प्रमुख पहल को सफलतापूर्वक लागू करना जारी रखे हुए हैं जो सहयोग को अद्वितीय बनाते हैं।
Russia ने एस-400 मिसाइल प्रणाली की पहली रेजिमेंट की आपूर्ति पिछले साल दिसंबर में शुरू की थी, जबकि दूसरी रेजिमेंट की आपूर्ति अप्रैल में शुरू हुई थी।
मिसाइल प्रणाली को उत्तरी क्षेत्र में किया गया है तैनात
मिसाइल प्रणाली (Missile System) को इस तरह से तैनात किया गया है कि यह उत्तरी क्षेत्र में चीन (China) के साथ लगी सीमा के कुछ हिस्सों के साथ-साथ पाकिस्तान (Pakistan) के साथ लगी सीमा को भी कवर कर सकती है। मार्च में Russia ने कहा था कि उसके खिलाफ पश्चिमी प्रतिबंधों का भारत को एस-400 मिसाइल प्रणाली की आपूर्ति पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
अमेरिका की चेतावनी के बावजूद की थी डील
रूस ने मार्च में कहा था कि उसके खिलाफ पश्चिमी प्रतिबंधों का भारत को एस- 400 मिसाइल प्रणाली की आपूर्ति पर कोई असर नहीं पड़ेगा. यूक्रेन पर हमले के बाद अमेरिका समेत तमाम पश्चिमी देशों ने रूस पर तमाम तरह के प्रतिबंध लगाए हैं. हालांकि, तमाम दबाव के बावजूद भारत यूक्रेन रूस के मामले में तटस्थता की भूमिका में है। अक्टूबर 2018 में भारत ने Russia के साथ 5 S-400 एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम खरीदने के लिए 5 बिलियन अमेरिकी डॉलर की डील की थी। भारत ने उस समय डोनाल्ड ट्रम्प प्रशासन द्वारा प्रतिबंध लगाने की धमकी को दरकिनार कर यह समझौता किया था।
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