Ranchi : रांची की हवा आज की सुबह कुछ अलग थी। संत जेवियर्स कॉलेज परिसर रंग-बिरंगे गुब्बारों और जोश से भरे कदमों का साक्षी बना। सैकड़ों युवा, आंखों पर पट्टी बांधे, एक ऐसे संकल्प के लिये दौड़ पड़े, जो आंखों से कहीं बड़ा था, नेत्रदान का संकल्प। मुख्य अतिथि वित्त मंत्री राधाकृषण किशोर ने गुब्बारों को उड़ाकर ‘ब्लाइंड फोल्डेड रन फॉर विजन’ का शुभारंभ किया और स्वयं नेत्रदान शपथ पत्र भरकर समाज को गहरा संदेश दिया, “रोशनी सिर्फ देखने के लिये नहीं, दूसरों को देने के लिये भी होती है।”
नेत्रदान करने वाले 30 परिवारों का सम्मान
इस कार्यक्रम का सबसे भावुक पल तब आया जब वित्त मंत्री ने उन 30 परिवारों को सम्मानित किया, जिन्होंने अपने प्रियजनों की मृत्यु के बाद नेत्रदान का निर्णय लिया। उनमें सत्यनारायण अग्रवाल, गोपाल राम अग्रवाल, पुखराज रामपुरिया, उषा परसरामपुरिया, नंदलाल राठौर, मीरा बुधिया, गीता देवी, राधेश्याम केजरीवाल, शांति देवी मंसिंका, दिलीप कुमार बुधिया और ऐसे ही 30 नाम, जो अब रौशनी के पर्याय बन चुके हैं। सेंट जेवियर्स और उर्सुलाइन कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने, NSS के युवाओं संग, पट्टी बांधकर दौड़ लगाई। यह दौड़ एक प्रतीक थीॉ, अंधेरे में चलने का अनुभव और दूसरों को रोशनी देने का संकल्प। इसके बाद एक जागरूकता रैली भी निकाली गई जिसमें शहर के गणमान्य लोग शामिल हुये। ‘ब्लाइंड फोल्ड रन’ के 10 ग्रुप्स में बच्चों ने अद्भुत उत्साह दिखाया। ग्रुप 1 में अंजली कुमारी और तानू कुमारी, ग्रुप 3 में मेरा मुर्मू और दीपशिखा बोरा, ग्रुप 7 में संजीव कुमार और ताशिन अकबर, ग्रुप 10 में स्वरन्दीप और प्रवीण एक्का विजेता रहे। हर विजेता बच्चे की आंखों में यही चमक थी, “एक दिन हम भी किसी की रोशनी का कारण बनेंगे।”
कश्यप मेमोरियल आई बैंक की उपलब्धियां
अब तक 1015 कॉर्निया ट्रांसप्लांट, पिछले 5 सालों में 490 नेत्र प्रत्यारोपण, लगातार 23 वर्षों से ‘रन फॉर विजन’ और 7 वर्षों से ब्लाइंड फोल्डेड रन का आयोजन डॉ. भारती कश्यप ने मीडिया से कहा,“यह आयोजन झारखंड ही नहीं, पूरे देश में अद्वितीय है। नेत्रदान के प्रति फैली भ्रांतियों को मिटाना और हर आंख को नया उजाला देना ही हमारा संकल्प है।”












