कोहराम लाइव डेस्क : UTI यानी मूत्र पथ में संक्रमण सूक्ष्मजीवों से होने वाला संक्रमण है। अधिकांश UTI बैक्टीरिया की वजह से होते हैं लेकिन कभी कभी यह फंगस या वायरस के जरिये भी फैलता है।
यूटीआई फंगस या वायरस के जरिये भी फैलता है
myUpchar के अनुसार, यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन यानी मूत्र पथ में संक्रमण सूक्ष्मजीवों से होने वाला संक्रमण है। अधिकांश यूटीआई बैक्टीरिया की वजह से होते हैं लेकिन कभी कभी यह फंगस या वायरस के जरिये भी फैलता है। यूटीआई मूत्र मार्ग में कहीं भी हो सकता है। मूत्र मार्ग से मतलब किडनी, मूत्रवाहिनी, मूत्राशय और मूत्रमार्ग आदि से है।
गर्भावस्था के दौरान यूटीआई का जोखिम बढ़ता है
महिला को अगर गर्भावस्था के छठे सप्ताह से 24वें सप्ताह में है तो उन्हें यूटीआई से पीड़ित होने का खतरा अधिक है। ऐसा इसलिए क्योंकि इस समय यूरिनरी ट्रैक्ट में कई बदलाव हो रहे होते हैं। गर्भाशय मूत्राशय के ऊपर स्थित होता है। जब गर्भाशय बढ़ता है तो इसका बढ़ा हुआ वजन मूत्राशय से मूत्र के निकास को ब्लॉक करता है। यह गर्भावस्था के दौरान यूटीआई का जोखिम बढ़ाता है।
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UTI से बचने का तरीका-
पेशाब न रोकें : अगर टॉयलेट जाने की इच्छा हो रही हो तो उसे रोके नहीं, तुरंत जाएं. पेशाब को रोककर रखना जोखिम भरा हो सकता है और इससे बैक्टीरिया पनप सकते हैं। इससे यूटीआई का खतरा बढ़ जाता है।
सार्वजनिक शौचालय से परहेज : यदि आप गर्भवती हैं, तो सार्वजनिक शौचालय का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे बैक्टीरिया का खतरा हो सकता है। अगर किसी स्थिति में जाना भी पड़ गया, तो टॉयलेट सीट को सैनिटाइजर से पोंछना चाहिए। बैक्टीरिया के प्रसार से बचने के लिए पेशाब करने के बाद योनी को पानी से धोएं।
पर्याप्त पानी : हाइड्रेटेड रहने के लिए बहुत सारा पानी पीना जरूरी है। myUpchar के अनुसार, ज्यादा पानी पीने से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में मदद मिलती है। इसके अलावा कैफीन का सेवन बिल्कुल न करें, क्योंकि ये पेय मूत्राशय में जलन पैदा करते हैं।
पौष्टिक आहार : जिंक और विटामिन सी से भरपूर खाद्य पदार्थ खाएं। इससे इम्यून सिस्टम मजबूत होगा और बैक्टीरिया से लड़ सकेगा। इसके लिए आप स्ट्रॉबेरी, ब्रोकोली, खट्टे फल, स्प्राउट्स, बीज, फलियां और अंडे का सेवन कर सकते है।
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