Kohramlive : टेस्ट क्रिकेट को अक्सर धैर्य, तकनीक और लंबी पारी का खेल कहा जाता है। लेकिन जब क्रीज पर ऋषभ पंत हों, तो क्रिकेट की सबसे लंबी फॉर्मेट में भी तूफान उठता है। श्रीलंका के खिलाफ गॉल टेस्ट की दूसरी पारी में पंत ने सिर्फ 69 गेंदों पर 66 रन ठोककर इतिहास लिख दिया। अपनी इस विस्फोटक पारी के दौरान उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में 100 छक्के पूरे कर लिये। पंत ने टेस्ट क्रिकेट की 89वीं पारी में 100 छक्कों का आंकड़ा छुआ। इसके साथ ही उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के महान विकेटकीपर बल्लेबाज एडम गिलक्रिस्ट का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया। गिलक्रिस्ट को इस मुकाम तक पहुंचने में 130 पारियां लगी थीं, जबकि पंत ने उनसे 41 पारियां कम खेलकर यह कारनामा कर दिया। यानी टेस्ट क्रिकेट में छक्कों का शतक लगाने में पंत से तेज आज तक कोई बल्लेबाज नहीं रहा।
100 टेस्ट छक्के और पंत बने पहले भारतीय
यह उपलब्धि पंत को एक और खास क्लब में ले गयी है। टेस्ट क्रिकेट में 100 छक्के लगाने वाले वह दुनिया के सिर्फ चौथे बल्लेबाज हैं। उनसे पहले यह कारनामा ब्रेंडन मैकुलम, एडम गिलक्रिस्ट और बेन स्टोक्स कर चुके हैं। लेकिन पंत ने इस रिकॉर्ड में भारत का नाम पहली बार दर्ज कराया है। वह 100 टेस्ट छक्के लगाने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज बन गये हैं। गॉल की चुनौतीपूर्ण पिच पर पंत ने एक बार फिर अपने अंदाज में बल्लेबाजी की। उन्होंने 66 रन की पारी में आठ चौके और दो छक्के लगाये। उनका अंदाज वही था, गेंद मिली तो प्रहार, मौका मिला तो गेंद सीमा पार। उनकी इस पारी ने भारत को दूसरी पारी में मुश्किल परिस्थितियों से उबरने और श्रीलंका के सामने बड़ा लक्ष्य रखने में अहम मदद की। भारत ने दूसरी पारी में 193 रन बनाकर श्रीलंका के सामने 372 रन का लक्ष्य रखा।
पंत का बल्ला बोला तो रिकॉर्ड भी झुके
पंत ने सिर्फ 66 रन बनाये, लेकिन यह पारी स्कोरबोर्ड के आंकड़े से कहीं बड़ी हो गयी। एक छक्का लगा और इतिहास बदल गया। टेस्ट क्रिकेट में छक्कों का शतक, वह भी सबसे कम पारियों में, यह उपलब्धि बताती है कि ऋषभ पंत ने क्रिकेट के सबसे पुराने प्रारूप में भी अपनी बल्लेबाजी की अलग पहचान बना ली है। गॉल में श्रीलंका के खिलाफ उनकी यह पारी शायद शतक से कुछ दूर रह गयी, लेकिन पंत ने जो हासिल किया, वह टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में हमेशा दर्ज रहेगा। शतक भले बल्ले से नहीं आया, लेकिन छक्कों का शतक पंत को इतिहास के पन्नों में जरूर ले गया।








