Ranchi : झारखंड में भाजपा की करारी हार के बाद झारखंड के रिटायर्ड DIG राजीव रंजन सिंह ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर जो कारण बतायें, हुबहू उनका पोस्ट देखें….
झारखंड विधानसभा चुनाव का परिणाम सबके सामने है l भाजपा को ऐसी हार होगी, यह झारखंड चुनाव के दो माह पहले तक किसी ने नहीं सोचा था। भाजपा के शीर्ष नेताओं के द्वारा पूरी ताकत लगाने के बाद भी ऐसा बुरा परिणाम क्यों आया, इसकी समीक्षा होनी चाहिए।
1, सबसे पहला कारण यह लगता है कि टिकट बंटवारे के समय भाजपा के जमीनी कार्यकताओं को महत्व न देकर दूसरे पार्टियों के नेताओं को पार्टी में मिलाकर टिकट दिया गया, जिससे रायशुमारी और सर्वे रिपोर्ट का कोई महत्व नही रहा। इस कारण कार्यकर्ता में विद्रोह का माहौल बना। और लगभग सभी ऐसे नेता हार गये।
2, दूसरा बड़ा कारण मुख्य मुद्दा से अलग हटना जैसे चार, पांच माह पहले तक भाजपा का मुख्य मुद्दा करप्शन, बेरोजगारी और विधि व्यवस्था ठीक नहीं होना था। करप्शन के लिए भाजपा Hemant सोरेन जी को जेल भेजी थी। लेकिन चुनाव में हम इन मुद्दों को छोर कर मुख्य रूप से घुसपैठियों पर आ गये। मेरे समझ से यह मुद्दा बहुत असर नहीं डाल पाया।
3, मंईंया योजना और इसके काट में गो गो योजना लाना जो लोगों को बहुत अपील नहीं कर पाया। उसमें जल्दी बाजी में फॉर्म भरवाने का काम भी लोगों में असर नहीं डाल पाया।
4, झारखंड के नेताओं को पीछे छोड़कर बाहर के नेताओं को जनता के सामने प्रोजेक्ट करना भी back fire किया। लोगों को लगा कि भाजपा में यहाँ के स्थानीय नेताओं का कोई वैल्यू नहीं है।
5, भाजपा के आदिवासी नेताओं का अपने समुदाय से कनेक्ट नहीं होना। जबकि Hemant Soren और कल्पना सोरेन आदिवासी समुदाय से बेहतर कनेक्ट हुये।
6, 1932 के khatiyan के issue पर झारखंड के मूल वासियों का भी JMM से जुड़ना। भाजपा का इस मुद्दे पर नीति स्पष्ट नहीं होना l
7, चुनाव के बीच में केंद्रीय एजेंसी के द्वारा raids करना। कई ऐसे और भी मुद्दे हैं जो भाजपा के हार का कारण बना।












