Kohramlive : RBI ने महाराष्ट्र के सातारा जिले में स्थित जीजामाता महिला सहकारी बैंक का लाइसेंस एक बार फिर रद्द कर दिया है। बैंक पर लगातार वित्तीय अनियमितताओं और पूंजी की भारी कमी के चलते यह कार्रवाई की गई है। 7 अक्टूबर 2025 से बैंक ने सभी तरह का परिचालन पूरी तरह बंद कर दिया है, जिससे हजारों खाताधारक अपनी जमा पूंजी निकालने को लेकर असमंजस में हैं। गौरतलब है कि RBI ने इससे पहले 30 जून 2016 को भी बैंक का लाइसेंस रद्द किया था, लेकिन बैंक की अपील के बाद 2019 में इसे बहाल कर दिया गया था। इसके बावजूद बैंक की हालत नहीं सुधरी। RBI ने बैंक के 2013-14 के वित्तीय लेनदेन का फोरेंसिक ऑडिट भी आदेशित किया था, मगर बैंक के असहयोग के चलते यह प्रक्रिया अधूरी रह गई।
अब न जमा कर सकते, न निकाल सकते
लाइसेंस रद्द होने के बाद बैंक अब किसी तरह की जमा या निकासी की अनुमति नहीं दे सकता। सभी बैंकिंग सेवाएं बंद कर दी गई हैं। महाराष्ट्र के सहकारी रजिस्ट्रार को निर्देश दिया गया है कि वे बैंक को विधिवत बंद कर एक परिसमापक (Liquidator) नियुक्त करें।
DICGC देगा राहत, लेकिन लिमिट 5 लाख की
RBI ने कहा है कि बैंक की वर्तमान वित्तीय स्थिति इतनी कमजोर है कि वह अपने खाताधारकों को पूरा भुगतान करने में असमर्थ है। फिलहाल, जमाकर्ता डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉर्पोरेशन (DICGC) के तहत अधिकतम 5 लाख रुपये तक की बीमा राशि के लिए दावा कर सकते हैं।












