Ranchi : कभी-कभी उम्र छोटी होती है, लेकिन सपने आसमान से भी बड़े। राजधानी रांची(Ranchi) का महज 7 साल का इशांक इन दिनों उसी सपने को जी रहा है, जो सुनने में ही रोमांच भर दे, समंदर को तैरकर पार करना! यह कहानी यह उस जिद, जुनून और जज्बे की है, जो कहती है, “मंजिल दूर नहीं, बस हौसला बड़ा होना चाहिये।” 30 अप्रैल से इशांक का बड़ा अभियान शुरू होगा। श्रीलंका के तल्लईमन्नार से तैराकी की शुरुआत करेगा। उसका लक्ष्य भारत के अंतिम छोर धनुषकोड़ी तक पहुंचना है। 22 अप्रैल को टीम के साथ रामेश्वरम के लिये रवाना होगा। इससे पहले इशांक जिला और राष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन कर चुका है। 22 फरवरी को मुंबई के गेटवे ऑफ इंडिया इवेंट में हिस्सा लिया। अरब सागर में 1 किमी तैराकी में तीसरा स्थान हासिल किया। वहीं, 11 अप्रैल को कोच्ची में ओपन वाटर स्विमिंग प्रतियोगिता में हिस्सा लेगा। पेरियार नदी में हिस्सा लेकर समुद्री अनुभव हासिल करेगा। रांची के DAV श्यामली का तीसरी कक्षा का छात्र इशांक पढ़ाई में भी अच्छा है।
ढाई साल की उम्र से दोस्ती पानी से
महज 2.5 साल की उम्र से इशांक तैराकी सीख रहा है। रोजाना धुर्वा डैम में 4–5 घंटे अभ्यास करता है। उसका दावा है कि वह लगातार 15–20 किलोमीटर तक तैर सकता है। हफ्ते में एक दिन 8 घंटे तक पानी में रहकर अभ्यास करता है। इशांक के कोच अमन कुमार जायसवाल ने इसकी खास ट्रेनिंग दी है। मां मनीषा को सबसे बड़ी खुशी है। पिता सुनील मीडिया से कहते हैं कि “यह पूरे झारखंड के लिये गर्व की बात होगी।”
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