Garhwa(Nityanand Dubey) : गढ़वा में आयोजित चतुर्थ राष्ट्रीय लोक अदालत शनिवार को न्याय, सेवा और सशक्तिकरण का संगम देखने को मिला, जहां ₹18.5 करोड़ से अधिक के मामलों का रिकॉर्ड निष्पादन हुआ। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार, नई दिल्ली और झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, रांची के बैनर तले आयोजित इस लोक अदालत-सह-विधिक सशक्तिकरण शिविर का उद्घाटन मुख्य न्यायमूर्ति, झारखंड उच्च न्यायालय सह मुख्य संरक्षक, झालसा तरलोक सिंह चौहान ने ऑनलाइन माध्यम से किया। इस अवसर पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार गढ़वा मनोज प्रसाद सहित जिले के सभी वरीय न्यायिक पदाधिकारी मौजूद रहे।
सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकार निभा रंजना लकड़ा ने बताया कि गढ़वा और नगर उटारी में कुल 15 पीठों का गठन किया गया था। इन पीठों में कुटुंब न्यायालय, जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश, मुख्य व अवर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी, स्थायी लोक अदालत, उपभोक्ता फोरम के न्यायिक पदाधिकारी शामिल रहे। नतीजा, 1,25,497 वादों का निष्पादन किया गया। वहीं, करीब 4 करोड़ रुपये की राजस्व की वसूली की गई। वादी-प्रतिवादी की भारी भीड़ को देखते हुये प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश मनोज प्रसाद के निर्देश पर निःशुल्क चिकित्सा जांच शिविर का आयोजन भी किया गया। शिविर का उद्घाटन स्वयं मनोज प्रसाद ने फीता काटकर किया। इसमें बाबू दिनेश सिंह महाविद्यालय के चिकित्सकों की टीम ने सेवाएं दीं। महाविद्यालय के कुलाधिपति दिनेश सिंह भी अपनी टीम के साथ उपस्थित रहे।






