संसद से सड़क तक नारेबाजी
राष्ट्रपति भवन की ओर बढ़ने से पहले INDIA गठबंधन के सांसद संविधान सदन के सेंट्रल हॉल में एकत्र हुये। यहां आगे के आंदोलन की रणनीति पर चर्चा की गई। इसके बाद सांसदों ने ‘लोकतंत्र बचाओ’ का बैनर लेकर मार्च निकाला। विजय चौक पर पुलिस ने उन्हें रोक दिया। विपक्षी नेताओं ने इसे लोकतांत्रिक विरोध के अधिकार पर रोक बताते हुये नाराजगी जताई।कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें, SIR पर रोक लगे और मतदाता सूची से हटाये गये 13.8 करोड़ लोगों के नाम बहाल किये जायें।उन्होंने बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग भी उठाई। इसके अलावा, उन्होंने संसद में पारित उस कानूनी प्रावधान को रद्द करने की मांग की, जिसके तहत मुख्य चुनाव आयुक्त को कानूनी संरक्षण मिलने की बात कही जा रही है। वहीं, कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि दिल्ली में लोकतांत्रिक विरोध प्रदर्शनों पर पाबंदियां लगाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष अपना आंदोलन जारी रखेगा और आगे की रणनीति के बारे में समय आने पर जानकारी दी जायेगी। पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी शुक्रवार को संसद पहुंचीं। उन्होंने कहा कि विपक्षी नेता आपस में चर्चा करने के बाद आगे की रणनीति तय करेंगे। दिल्ली में ट्रेनों के रद्द होने को लेकर उन्होंने चिंता जताई। ममता बनर्जी ने कहा कि कोलकाता से चलने वाली राजधानी एक्सप्रेस समेत कई ट्रेनों का रद्द होना दुर्भाग्यपूर्ण है। उनके मुताबिक, इससे छात्रों और युवाओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।





