नारी शक्ति के हाथों में Rafale Fighter विमान उड़ाने की कमान

Date:

spot_img
📖भाषा चुनें और खबर सुनें:
🎙️कोहराम LIVE रेडियो
  • बनारस की वीरांगना बेटी शिवांगी सिंह उड़ाएंगी फ्रांस से आए लड़ाकू विमान
  • पंजाब के अंबाला एयरफोर्स बेस में ले रही हैं ट्रेनिंग
  • इस विमान को उड़ाने वाली देश की पहली महिला पायलट बनीं शिवांगी
  • बचपन से ही आकाश में पंछियों की तरह उड़ान भरने की थी तमन्‍ना
  • देश की रक्षा में बेटियों के सशक्‍त योगदान की मिसाल हैं शिवांगी

कोहराम लाइव डेस्‍क : नारी शक्ति के हाथों में Rafale Fighter विमान उड़ाने की कमान : निशाना अचूक बनाने के लिए अर्जुन बनना होता है। निशाना साधने के दौरान सिर्फ मछली की आंख दिखाई पड़नी चाहिए। फिर लक्ष्‍य को हासिल करना आसान हो जाता है। इक्‍कीसवीं सदी का भारत हर क्षेत्र में बेटियों के बढ़ते सशक्‍त कदमों की अमिट आहट को साफ सुनने का नया भारत है। जब देश की रक्षा का सवाल हो, तो बेटियां पीछे कैसे रह सकती हैं। जी हां, हम बात कर रहे हैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकसभा क्षेत्र बनारस की वीरांगना बेटी शिवांगी सिंह की। शिवांगी फ्रांस से आए Rafale Fighter विमान उड़ाएंगी। हवाई मार्ग से देश की सीमा की रक्षा करेंगी। दुश्‍मनों के छक्‍के छ़ुड़ाएंगी।

इसे भी पढ़ें : रांची में अपराधी बेखौफ, बिल्डर के घर पर की गोलियों की बौछार (Exclusive Video)

10 महिला पायलटों में एक का चयन # Rafale Fighter

शिवांगी सिंह राफेल लड़ाकू विमान उड़ाने वाली देश की पहली महिला पायलट बन चुकी हैं। उनका चयन राफेल के 17 गोल्डन एरो स्क्वाड्रन टीम में हो चुका है। अभी वह अंबाला एयर फोर्स स्टेशन में राफेल विमान उड़ाने का प्रशिक्षण ले रही हैं। उल्‍लेखनीय है कि 29 जुलाई को 5 राफेल विमानों की पहली खेप भारत पहुंचने के साथ ही इन विमानों के पायलटों के चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई थी। इस प्रक्रिया में भारतीय वायु सेना की सभी 10 महिला पायलटों ने भी हिस्सा लिया था। सिर्फ फ्लाइंग लेफ्टिनेंट शिवांगी सिंह का ही चयन हुआ था। अब 3 नवंबर को 3 राफेल विमानों की दूसरी खेप‍ भी भारत पहुंच चुकी है।

इसे भी पढ़ें : 20 साल का Jharkhand , पर ‘विकास’ अबतक पालने में

मिग-21 विमान उड़ाने में दक्ष

यह महत्वपूर्ण है कि वर्ष 2017 में शिवांगी सिंह का चयन एयर फोर्स की फाइटर स्क्रीन में हुआ था। 2016 में एयर फोर्स में महिला पायलटों के लिए फाइटर स्ट्रीम को खोला गया था। शिवांगी सिंह ने सफलतापूर्वक प्रशिक्षण लेने के बाद मिग-21 उड़ाना शुरू किया। इनकी तैनाती राजस्थान सीमा से लगे एक एयर बेस पर की गई थी।

इसे भी पढ़ें : रांची Airport से सुबह 10 से शाम 6 बजे तक उड़ान पर रोक

शुरू से ही अपने इरादों में पक्‍की

शिवांगी का छोटा भाई मयंक बनारस में 12 वीं का छात्र है। उसे अपनी दीदी की उपलब्धि पर गर्व है। शिवांगी का घर बनारस के कैंटोनमेंट एरिया में है। उनकी मां सीमा सिंह गृहिणी हैं। वह कहती हैं कि स्कूली शिक्षा के दौरान ही एयर फोर्स म्यूजियम देखकर उसने कहा था कि वायु सेना में ही जाना है। शुरू से ही वह अपने इरादों में पक्‍की थी। पिता कामेश्‍वर सिंह ट्रवेल्‍स का काम करते हैं। बताते हैं कि वह बचपन से ही चिड़ियों की तरह आसमान में उड़ान भरना चाहती थी। उसके नाना भी फौजी थे। जुलाई 216 में मैसूर में शिवांगी ने कॉमन एप्‍टीट्यूड टेस्‍ट क्‍वालीफाई किया था। हमें गर्व है कि अब बेटी बनारस का ही नहीं पूरे देश का नाम रोशन करेगी। यह महत्वपूर्ण है कि शिवांगी ने वर्ष 2013 से 2016 तक काशी हिंदू विश्वविद्यालय के एनसीसी का प्रशिक्षण भी लिया था। शिवांगी के चचेरे दादा सुधीर सिंह ने कहा कि वह अच्‍छी एथलीट है। गिटार भी बजाती है। फौजियों को देखकर उसके दिल में देश सेवा की भावना बचपन से ही थी।

इसे भी पढ़ें : रिम्स के Covid Ward में देर रात ऑक्सीजन खत्म, अफरा-तफरी

spot_img
spot_img
spot_img

Related articles:

भगवा रंग के कपड़े ही क्यों पहनते हैं साधु-संत, जानें रोचक कहानी…

Kohramlive : महाकुंभ (Mahakumbh 2025) में चारों तरफ साधु-संन्यासी...

इन तीन बातों को हमेशा रखें गुप्त, वर्ना तबाह हो जायेगी जिंदगी…

Kohramlive : आचार्य चाणक्य ने नीति शास्त्र ( Chanakya...

लिफ्ट में क्यों लगा रहता है मिरर? वजह जानकर रह जायेंगे हैरान…

Kohramlive : मॉल, बड़ी-बड़ी बिल्डिंग, ऑफिस और कई जगहों...

पिता की प्रॉपर्टी पर बेटी का कितना हक? क्या कहता है कानून… जानें

Kohramlive : आमतौर, ज्यादातर परिवार में देखा जाता है...

Aadhar Card का यहां हो सकता है बेजा इस्तेमाल

Kohramlive : जिंदगी का अहम हिस्सा बन गये आधार...