कोहराम लाइव डेस्क : 44 साल के एलेक्सी को राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन का विरोधी माना जाता है। नेता एलेक्सी नवेलनी की गिरफ्तारी के विरोध में देश भर में प्रदर्शन हो रहे हैं। बड़े पैमाने पर विरोध-प्रदर्शन आयोजित हुए हैं, जिसमें लाखों लोगों ने हिस्सा लिया है। एलेक्सी की गिरफ्तारी की खबर सुन लोग काफी नाराज हुए। जिसके कारण रूस के करीब 100 शहरों में लोग सड़कों पर उतरे। पुलिस ने प्रदर्शनकारी पर सख्त कार्रवाई की है और 3 हजार से अधिक लोगों की गिरफ्तारी की गई है। एलेक्सी नवेलनी की पत्नी यूलिया को भी प्रदर्शन के दौरान हिरासत में ले लिया गया है। रूस की कोर्ट ने एलेक्सी को 15 फरवरी तक जेल भेज दिया है।
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पुलिस वालों से भी हाथापाई
इस घटना के दौरान मॉस्को और सेंट पीटर्सबर्ग में हिंसा की भी खबरें भी सामने आई है। लोग पुलिस वालों से भी भिड़ गए। पुलिस ने बताया कि क्रेमलिन के पास मॉस्को के पुश्किनकाया स्क्वायर में शनिवार को 4,000 प्रदर्शनकारी इकट्ठा हुए थे। उन्होंने पुलिस पर पानी की बोतलें और अंडे फेंकना शुरू कर दिया और साथ में ही तीन अधिकारियों पर सफेद पेंट फेंक दिया।
प्रदर्शनों में 39 ऑफिसर घायल हुए हैं। इस बीच, जर्मनी, ब्रिटेन, फ्रांस, इटली और यूरोपीय संघ ने एलेक्सी की रिहाई की मांग की है। प्रोटेस्ट मॉनिटर ग्रुप OVD-Info के मुताबिक, कुल 2,131 लोगों को पुलिस ने पकड़ा है। इनमें राजधानी मॉस्को में 300 और सेंट पीटर्सबर्ग में 162 लोग शामिल हैं। लगभग 70 कस्बों और शहरों में हुई रैलियों में गिरफ्तारी की सूचना मिली है। 53 साल के एक शख्स ने कहा कि हम नवेलनी या अपने लिए नहीं आए हैं, बल्कि अपने बेटे के लिए आए हैं क्योंकि रूस में कोई भविष्य नहीं दिख रहा है।
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जर्मनी से लौटे थे एलेक्सी
एलेक्सी हाल में ही रूस लौटे हैं। एलेक्सी पांच महीने पहले जर्मनी गए थे। बताया जा रहा है कि रास्ते में एलेक्सी को जहर दे दिया गया। शक के तहत एलेक्सी को किसी ने चाय में जहर डाल दिया है। उनके शरीर में मिला जहर रूसी सेना ने सोवियत संघ के दौरान डेवलप किया गया था। इसका आरोप भी पुतिन पर लगा। हालांकि, रूसी सरकार ने आरोपों को गलत बताया है।
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पुतिन के खिलाफ खुलकर बोलते रहे हैं
एलेक्सी भ्रष्टाचार के खिलाफ शुरू की गई मुहिम के लिए भी जाने जाते हैं। उन्होंने 2018 में पुतिन के खिलाफ राष्ट्रपति चुनाव लड़ने के लिए नॉमिनेशन भी फाइल किया था। लेकिन धोखाधड़ी के मामले की कारण एलेक्सी को चुनाव लड़ने पर रोक लगा दी गई थी। नवाल्नी ने आरोपों से इनकार किया था। उन्होंने कहा था कि भ्रष्ट नेताओं के खिलाफ बोलने की वजह से उन पर आरोप लगाए गए।






