Chouparan(Krishna Paswan) : चौपारण प्रखंड कार्यालय में आयोजित बैठक में गांव-गांव की समस्याएं जुबान बनकर सदन में गूंज उठीं। प्रमुख पूर्णिमा देवी की अध्यक्षता में और BDO नितेश भास्कर के संचालन में हुई इस पंचायत समिति बैठक में, विकास की रफ्तार पर ब्रेक लगाने वाली मुश्किलें एक-एक कर सामने आईं। कभी बिजली के जर्जर तारों ने चिंता बढ़ाई, तो कहीं स्कूलों की टूटी दीवारों ने बच्चों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिये। किसी ने मनरेगा की गड़बड़ी उजागर की, तो किसी ने कन्यादान योजना में पारदर्शिता की मांग की।
पं. स. सदस्य विकास रजक ने रामपुर तक लटके 11 हजार वोल्ट के तारों का मुद्दा उठाया, तो नरेश पांडे ने दस माह बाद बैठक होने पर खेद जताया। मुखिया कृष्णा रविदास ने उर्दू स्कूल में पानी और सड़क दुर्घटना की बात रखी, तो विजय मद्धेशिया ने कन्यादान योजना में पैसों की वसूली पर सवाल उठाये। विधायक प्रतिनिधि राजदेव यादव ने लिंग परीक्षण जैसी गंभीर समस्या को उठाकर प्रशासन को चेताया कि यह मामला अब भी अस्पताल की मिलीभगत से चल रहा है, जो चिंता का विषय है। मुखिया संघ अध्यक्ष वीरेंद्र रजक ने सामुदायिक अस्पताल के मुख्य गेट पर जाम की समस्या और कन्यादान योजना में मुखिया की अनदेखी पर नाराजगी जताई।
प्रखंड विकास पदाधिकारी ने भरोसा दिलाया कि जो भी मुद्दे नियम संगत हैं, उन पर त्वरित कार्रवाई होगी। साथ ही गैरहाजिर अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा जायेगा। प्रमुख पूर्णिमा देवी ने दो टूक कहा, विकास में देरी नहीं बर्दाश्त होगी। जो कार्य रुके हैं, उन्हें जल्द पूरा किया जाये। बैठक में जनप्रतिनिधियों से लेकर विभागीय अधिकारी तक, सभी की मौजूदगी में लोकतंत्र का असली चेहरा देखने को मिला—जहां जन की बात एजेंडा बनी और जनसेवा प्राथमिकता बनी ।








