Bihar: मर्डर केस में सजा काट रहे कैदी ने बनाया रिकॉर्ड। कारागार को सुधारगृह भी कहते हैं। बिहार के नवादा जेल में एक बंद कैदी ने कीर्तिमान ही स्थापित कर दिया है। कैदी एक नौजवान है जो हत्या के केस में विचाराधीन है। वो फिलहाल नवादा की जेल में बंद है। इस कैदी युवक ने जेल में रहकर ही पढ़ाई की और ये रिकॉर्ड बना दिया। JAM वो परीक्षा है जिसमें पास होने के लिए छात्र तरसते हैं लेकिन कैदी नौजवान ने जेल से पढ़ाई करते हुए ही इस परीक्षा में इतना बड़ा रैंक हासिल कर लिया। अब जेल प्रशासन भी अपने इस कैदी पर गर्व महसूस कर रहा है।
10 महीने से जेल में बंद है सूरज कुमार
हत्या के मामले में जेल में बंद सूरज कुमार उर्फ कौशलेंद्र ने जेएएम 2022 में सफलता हासिल की है। आईआईटी रुड़की की ओर से आयोजित इस परीक्षा में उसे 54वीं आल इंडिया रैंक हासिल हुई है। विचाराधान बंदी सूरज वारिसलीगंज थाना क्षेत्र के मोसमा गांव का रहने वाला है और तकरीबन एक साल से एक हत्या के मामले में जेल में बंद है। मंडल कारा नवादा में रहते हुए ही उसने परीक्षा की तैयारी की। परीक्षा की तैयारी में जेल प्रशासन ने सूरज उर्फ कौशलेंद्र की इसमें काफी मदद की। कड़ी मेहनत और लगन से उसने जेल में रहते हुए उसने परीक्षा की तैयारी की। वारसलीगंज प्रखंड के रहने वाले पिता अर्जुन यादव के बेटे सूरज कुमार की सफलता पर लोगों ने हर्ष जताया है।
वैज्ञानिक बनने का है सपना
सूरज कुमार करीब 10 महीने से जेल में बंद है. वह जेल में ही पूरी तैयारी कर IIT – JAM का परीक्षा दिया था. जब आईआईटी रुड़की द्वारा रिजल्ट जारी किया गया तो उसमें सूरज कुमार को 54वां रैंक मिला है. बता दें कि IIT के द्वारा हर साल जॉइंट इंडियन टेस्ट फॉर मास्टर ( IIT – JAM) का आयोजन करवाया जाता है. यह एक एंट्रेंस एग्जाम होता है, जिसके माध्यम से दो वर्षीय एमएससी प्रोग्राम कोर्स में दाखिला मिलता है. परिजन बताते है कि सूरज का सपना वैज्ञानिक बनने का है. इस सफलता का श्रेय जेल अधीक्षक अभिषेक कुमार पांडे और अपने भाई वीरेंद्र कुमार को दिया है.
अप्रैल 2021 मर्डर केस में गया था जेल
आपको बता दें कि वारिसलीगंज के मोसमा गांव में रास्ता विवाद को लेकर दो परिवारों के बीच जमकर मारपीट हुई थी। अप्रैल 2021 को हुई मारपीट में एक पक्ष के संजय यादव बुरी तरह जख्मी हो गए थे। इलाज के लिए पटना ले जाने के क्रम में उनकी मौत हो गई थी। तब मृतक के पिता बासो यादव ने सूरज, उसके पिता अर्जुन यादव समेत नौ लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। 19 अप्रैल 2021 को पुलिस ने सूरज समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। हालांकि ये केस अभी चल रहा है और इसी बीच सूरज ने जेल के अंदर ही मेहनत कर ये कामयाबी हासिल की।
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