Ranchi : गांवों तक नल से पानी पहुंचाने की मुहिम को अब और रफ्तार देने की तैयारी है। जल जीवन मिशन के तहत प्रस्तावित विभागीय समिट को लेकर गुरुवार को राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन (SWSM) की कार्यकारिणी की बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता विभागीय सचिव अबु इमरान ने की। बैठक में साफ था कि सिर्फ पाइपलाइन बिछाना ही लक्ष्य नहीं है। पानी का स्रोत बना रहे और योजनायें लंबे समय तक चलें, इस पर भी फोकस किया गया। बैठक में जल संरचना परियोजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन, कैच द रेन अभियान, पेयजल स्रोतों की स्थिरता और ग्रामीण जलापूर्ति योजनाओं के संचालन एवं रखरखाव पर विस्तार से चर्चा हुई। खास जोर दो अहम मुद्दों Source Sustainability और Operation & Maintenance पर रहा। यानी गांवों में पानी का स्रोत सूखे नहीं और नल-जल योजना शुरू होने के बाद उसकी व्यवस्था भी ठप न पड़े।
कई विभाग एक साथ, ताकि गांवों में न रुके पानी
अधिकारियों ने माना कि जल जीवन मिशन को जमीन पर सफल बनाने के लिए अकेले पेयजल विभाग के भरोसे काम नहीं चलेगा। इसके लिए कई विभागों के बीच बेहतर तालमेल जरूरी है। बैठक में पंचायती राज, जल संसाधन, सूचना एवं जनसंपर्क, कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता और महिला एवं बाल विकास विभाग के प्रतिनिधि शामिल हुये। UNICEF के WASH विशेषज्ञों ने भी बैठक में हिस्सा लिया। विभागों की भूमिका और जिम्मेदारियों को स्पष्ट करने के साथ आपसी समन्वय मजबूत करने पर जोर दिया गया।
विभागीय समिट में बनेगी आगे की दिशा
बैठक में तय किया गया कि प्रस्तावित विभागीय समिट के जरिये जल जीवन मिशन के लक्ष्यों को और प्रभावी तरीके से आगे बढ़ाया जायेगा। खास मकसद ग्रामीण इलाकों में ‘हर घर नल से जल’ की सुविधा को सिर्फ पहुंचाना नहीं, बल्कि उसे स्थायी और गुणवत्तापूर्ण बनाना है। बैठक में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के अभियंता प्रमुख, मुख्य अभियंता, PMU पदाधिकारी, मुख्य अभियंता (CDO), उप निदेशक-1, राज्य समन्वयक समेत कई अधिकारी मौजूद रहे। अब फोकस पाइपलाइन से आगे बढ़कर पानी की स्थायी उपलब्धता पर है। यही जल जीवन मिशन की अगली बड़ी चुनौती और प्राथमिकता बनकर सामने आई है।







