Ranchi (Pawan Thakur/Nandani Singh) : सावन के पहले सोमवार को भक्तों की भीड़ खुद-ब-खुद खींचती चली गई बाबा भोले नाथ के दरबार में। भोले बाबा मंदिर का सजा परिसर और नाचते-गाते हजारों भक्तों की भीड़ मंदिर परिसर में भोर से ही जुटनी शुरू हो गई थी। बोले बाबा की आराधना में डुबकी लगाते हर भक्त के चेहरे पर गजब का उत्साह था। घंटों लंबी लाइन में लगे भक्तों को बस इंतजार था तो बाबा के दीदार कर जल चढ़ाने का। जल का इंतजाम मंदिर परिसर में भी था। वहीं कुछ बगल के स्वर्णरेखा नदी तट से जल लेकर आते दिखाई पड़े। बच्चे, जवान, बूढ़ा-बूढ़ी लड़के-लड़कियों हर किसी में आज फर्क मिट गया था। ना कोई बड़ा ना कोई छोटा। ना ही कोई भेदभाव। यह अद्भुत सा नज़ारा दिखा देश के दूसरे सबसे बड़े बिराजे 108 फीट लंबा शिवलिंग परिसर का।
सुरेश्वर महादेव मंदिर के आंगन में पूजा-प्रसाद की दुकान सजायी बैठी राखी बोली… भोले बाबा की रहमत क्या बरसी मेरी जिंदगी ही बदल गयी। अब रोजी-रोटी की कोई चिंता नहीं होती। पहले से बहुत बढ़िया हो गया, बता भी नहीं सकती। पूजा की थाल सजाकर देने का एक अलग ही आनंद है। मन को बहुत सुकून मिलता है।
टाटीसिलवे से आयी एक गृहिणी भक्त ने कहा कि सावन में बाबा को जल चढ़ाने का इंतजार साल भर से रहता है, आज तो नारियल फोड़कर ही रहूंगी। वहीं, कतार में लगी सुनैना चाची ने कहा बाबा के दरबार में आते ही सारा दुख-दर्द दूर हो जाता है। राजधानी के दूर-दूर के मोहल्ले से आये ज्यादातर शिव भक्तों ने बस यही कहा, बाबा का बुलावा आया और हम चले आये। बोल बम की जयकारे के साथ लोगों ने कहा कि सबके आंगन में खुशहाली और सबका भला करेंगे भोले बाबा।
मंदिर के पुजारी ने कहा… सावन की पूजा में भोले बाबा खुश हो जाते हैं। वहीं इस मंदिर का निर्माण करने वाले समाजसेवी सुरेश साहू ने कहा कि स्वररेखा नदी तट पर बने ट्रीटमेंट प्लांट को चालू करने की दिशा में सरकार को अविलंब सोचना चाहिए। ताकि भक्तों को नदी का साफ जल मिल सके। मंदिर ट्रस्ट से जुड़े संतोष ने कहा मंदिर में उमड़ी भीड़ देख मन बहुत गदगद है। भक्तों की सेवा एक अलग सुकून दे जाता है।
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