kohramlive desk : 25 लाख रुपये का इनामी और पीएलएफआई सुप्रीमो दिनेश गोप दस्ते के साथ आज पुलिस की जमकर मुठभेड़ हुई। मुठभेड़ में दोनों ओर से ताबड़तोड़ गोलियां चली। मुठभेड़ में शामिल एक आला पुलिस अधिकारी का दावा है कि मुठभेड़ में सुप्रीमो दिनेश गोप और उसका सबसे करीबी ताकत मार्टिन केरकेट्टा एवं अवधेश जायसवाल उर्फ चूहा भी मौजूद था। हालांकि गोली तो किसी न किसी को लगी जरूर है, पर किसे लगी ये अभी कंफर्म नहीं। जंगल में जहां-तहां मिले खून के धब्बे इस बात के गवाह है कि गोली जरूर किसी को लगी है। पुलिस और सीआरपीएफ जवानों को हावी होता देख उग्रवादी जंगल का फायदा उठाकर भाग निकले।
यह मुठभेड़ रविवार को भोर में जतरना और गुदड़ी जंगल में हुई। यह जंगल खूंटी और चाईबासा के बॉर्डर में पड़ता है। मुठभेड़ के बाद चलाये गये सर्च अभियान के दौरान मौके-ए-वारदात से एक पिस्टल, एक देसी पिस्तौल, एक मैगजीन, दो जिंदा गोलियां, एक दूरबीन, एक वायरलेस सेट, 12 मोबाइल, 13 सिमकार्ड, 10 पीस मोबाइल चार्जर, पावर बैंक सहित कई सामान मिले। मुठभेड़ में खूंटी, चाईबासा जिला पुलिस के साथ सीआरपीएफ-94 बटालियन, 60 बटालियन और झारखंड जगुआर के जवान शामिल थे। मुठभेड़ में अत्याधुनिक हथियारों का खुलकर इस्तेमाल हुआ। पुलिस मुख्यालय से जारी प्रेस बयान के अनुसार पीएलएफआई के कुछ उग्रवादियों के बंदगांव और गुदड़ी इलाके में आने की सूचना मिली थी। झारखंड पुलिस ने मोस्ट वांटेड और इनामी उग्रवादियों के एक लिस्ट तैयार की है। चुनचुन कर बारी-बारी से सबको टारगेट करने का खाका खींच लिया गया है।
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