नई दिल्ली : 75वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लालकिले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने देश को संबोधित किया। पीएम मोदी ने रक्षा नीतियों की तारीफ की और भारत की दुनियाभर में बढ़ती ताकत का जिक्र किया। पीएम मोदी ने देश की उपलब्धियां गिनाई। उन्होंने कहा कि भारत अब कड़े फैसले लेने लगा है। पीएम ने कहा कि ‘भारत अपनी संकल्पशक्ति लगातार सिद्ध कर रहा है। चाहे अनुच्छेद 370 को हटाने का ऐतिहासिक फैसला हो, देश को टैक्स के जाल से मुक्ति दिलाने वाली व्यवस्था- GST हो, हमारे फौजी साथियों के लिए वन रैंक वन पेंशन हो, या फिर रामजन्मभूमि केस का शांतिपूर्ण समाधान, ये सब हमने बीते कुछ वर्षों में सच होते देखा है।’ लाल किले से पीएम मोदी ने चीन (China) के विस्तारवादी सोच पर हमला बोला।
पीएम मोदी ने कहा कि सरकार गरीबों को पोषण युक्त चावल देगी। राशन की दुकान पर मिलने वाला चावल हो, मिड-डे मिल में मिलने वाला चावल हो, हर योजना से मिलने वाला चावल फोर्टिफाइड कर दिया जाएगा। वहीं किसानों के लिए नया नारा दिया। उन्होंने कहा कि ‘छोटे किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड, डेढ़ गुना एमएसपी, किसान उत्पादक संगठन जैसे प्रयास किसानों की ताकत बढ़ाएंगे। आने वाले समय में ब्लॉक लेवल तक वेयरहाउस की सुविधा देने का फैसला किया जाएगा। हर छोटे किसान के खर्च को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना चलाई जा रही है। डेढ़ लाख करोड़ रुपए सीधे खातों में पहुंचाए गए हैं। हमारा लक्ष्य है- छोटा किसान बने देश की शान।’
मोदी ने कहा कि गांव में सेल्फ हेल्प ग्रुप से जुड़ी हमारी 8 करोड़ से अधिक बहनें एक से बढ़कर एक उत्पाद बनाती हैं। इनके उत्पादों को देश और विदेश में बड़ा बाजार मिले, इसके लिए अब सरकार ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म तैयार करेगी।
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देश महापुरुषों का कर्जदार : पीएम
प्रधानमंत्री मोदी ने महापुरुषों को याद करते हुये कहा कि देश सभी महापुरुषों का कर्जदार है। जिन्होंने अपना सबकुछ देश के लिए न्योछावर कर दिया।
पीएम मोदी ने ओलंपिक में भारत का नाम रोशन करने वाले एथलीटों के सम्मान में तालियां बजाई। उन्होंने कहा कि भारत को गौरव दिलाने वाले युवाओं का सम्मान करें। करोड़ों देशवासी आज तालियों की गड़गड़ाहट के साथ युवाओं का सम्मान कर रहे हैं। एथलीट्स ने विशेष तौर पर युवाओं को प्रेरित करने का काम किया है।
बंटवारे का दर्द पिछली शताब्दी की सबसे बड़ी त्रासदी
पीएम ने विभाजन की त्रासदी का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, ‘बंटवारे का दर्द आज भी हिंदुस्तान के सीने को छलनी करता है। यह पिछली शताब्दी की सबसे बड़ी त्रासदी में से एक है। आजादी के बाद इन लोगों को बहुत ही जल्द भुला दिया गया। कल ही भारत ने एक भावुक निर्णय लिया कि अब से हर वर्ष 14 अगस्त को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के रूप में याद किया जाएगा। जो लोग विभाजन के दौरान अमानवीय व्यवहार से गुजरे, जिन्होंने अत्याचार सहे, जिन्हें सम्मान के साथ अंतिम संस्कार भी नसीब नहीं हुआ, उन लोगों का हमारी स्मृतियों में जीवित रहना जरूरी है।
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