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पढ़ी-लिखी मंजू का खेत जोतना बन गया अपशगुन, मिली सजा, ठोका जुर्माना… देखें

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Gumla : घोर शुचिता के पोषक समाज में पढ़ी लिखी मंजू उरांव बहुत आहत और मर्माहत है। उसका कसूर सिर्फ इतना है कि उसने खुद ट्रैक्टर से अपना खेत जोत लिया। इसे अपशगुन माना गया। उसे ट्रैक्टर से खेत नहीं जोतने की हिदायत देते हुये उसपर जुर्माना ठोका गया है। मंजू को खेतीबाड़ी पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। फरमान नहीं मानने पर मंजू का सामाजिक बहिष्कार करने तक की बात कही गई है। सालों से खेतीबाड़ी कर अपना गुजर बसर कर रही मंजू को उम्मीद थी कि लोग उसे शाबाशी देंगे, पर उल्टे ताना मिला। उसे जुर्माना इसलिये सुनाया गया कि मंजू के ऐसा करने पर गांव में महामारी और अकाल पड़ सकता है। मंजू से जुर्माना वसूल कर गांव में फैले आपदा और रोग को दूर भगाया जायेगा। पंचायत का फैसला नहीं मानने पर मंजू को दंडित करने की चेतावनी दी गई है। दुखी मंजू का कहना है कि उसने सपने में भी नहीं सोचा था कि उसके साथ ऐसा सलूक किया जायेगा। उसका कहना है कि आधुनिक समाज में जब लड़की आसमान छू सकती हैं, चांद पर जा सकती है, हर काम कर सकती है तो फिर खेतीबाड़ी क्यों नहीं कर सकती। मंजू ने पंचायत का फरमान मानने से इनकार कर दिया। मंजू ने बताया कि उसे खेतीबाड़ी करने में बहुत मन लगता है। वह समाज में कुछ अलग करना चाहती है। KCC ऋण के लिए आवेदन दिया था, पर लोन नहीं मिला। वह फरमान नहीं मानेगी और खेती करती रहेगी।

घटना को लेकर मीडिया में जो बातें सामने आई है, उसके अनुसार गुमला के सिसई प्रखंड के शिवनाथपुर पंचायत के डहूटोली गांव में रहनेवाली मंजू उरांव छह एकड़ जमीन लीज पर लेकर धान, मकई, टमाटर और आलू की खेती करती है। वह खेतीबाड़ी पिछले दो साल से कर रही है। घर की माली हालत ठीक करने के लिहाज से उसने एक पुराना ट्रैक्टर खरीदा। खेत में जुताई कर वह कुछ अलग कर दिखाना चाहती थी, लेकिन उसके द्वारा ट्रैक्टर चलाने को अपशगुन मान लिया गया। उसपर इल्जाम लगाया जा रहा कि उसने गांव के पुराने नियमों तो तोड़ा है। अब उसके खिलाफ फरमान जारी किया जा रहा है। गांव में पंचायत तक बुलाई गई। उसे हिदायत दी गई है कि खेत जोतना छोड़ दे।

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