Kohramlive : हालिया संघर्ष में करारी शिकस्त के बाद पाकिस्तान अब बार-बार बातचीत की गुहार लगा रहा है। लेकिन भारत ने अपना रुख साफ कर दिया है, “बात होगी तो सिर्फ दो मुद्दों पर, पीओके की वापसी और आतंकवाद।” पाकिस्तान के विदेश मंत्री और उप प्रधानमंत्री इशाक डार ने शुक्रवार को कहा, “हम भारत के साथ गरिमा और सम्मान के साथ सभी मुद्दों पर बातचीत को तैयार हैं, जिसमें कश्मीर भी शामिल है। लेकिन पाकिस्तान बातचीत के लिये भीख नहीं मांगेगा।”
भारत का साफ संदेश है कि नई दिल्ली पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि किसी भी डायलॉग का आधार केवल दो बिंदु होंगे, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर की वापसी और आतंकवाद पर सख्त रोक। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, 2003 में शुरू हुआ भारत-पाक “कंपोजिट डायलॉग” आठ मुद्दों पर बातचीत का ढांचा था। लेकिन 2008 के मुंबई हमलों ने इस प्रक्रिया को पूरी तरह ठप कर दिया। गौरतलब है कि 22 अप्रैल को पहलगाम में आतंकी हमले में 26 बेकसूर लोग मारे गये। 7 मई को भारत का जवाबी ऑपरेशन सिंदूर, पाकिस्तान के आतंकी ढांचों पर सटीक हवाई हमले किये। 8–10 मई को पाकिस्तान की जवाबी कोशिश, भारत का पलटवार और चार दिन की ड्रोन-मिसाइल जंग होती रही। 10 मई को समझौते के बाद संघर्ष विराम हुआ।
पाकिस्तान का दावा बनाम सच्चाई
डार ने कहा , “हमारी कहानी दुनिया ने सुनी, हमारी फौज ने ताकत दिखाई। अगर भारत ने फिर आक्रामकता दिखाई, हम हर मोर्चे पर जवाब देंगे।” लेकिन हकीकत यह है कि पाकिस्तान अब भी बातचीत की राह तक रहा है, जबकि भारत का स्टैंड पहले से कहीं ज्यादा सख्त और स्पष्ट है।
इसे भी पढ़ें : माता वैष्णो देवी यात्रा मार्ग पर हा’दसा, तीन सदस्यीय समिति करेगी जांच














