Chouparan (Krishna Paswan) : हजारीबाग के चौपारण प्रखंड में स्थित ‘मौत की घाटी’ के नाम से मशहूर परसादी दनुआ घाटी में देर रात एक के बाद एक तीन गाड़ियां खतरनाक मोड़ पर फिसल गई। पल भर में घाटी का सन्नाटा चीखों में बदल गया। दुर्घटनाग्रस्त तीनों वाहन झारखंड की ओर से बिहार की दिशा में जा रहे थे। अंधेरी रात, खतरनाक मोड़ और तेज रफ्तार ने मिलकर इस हादसे को और भी भयावह बना दिया। नियंत्रण खोते ही वाहनों में टक्कर होती गई और सड़क पर अफरा-तफरी मच गई। मौके पर पहुंची पुलिस की फौरी कार्रवाई से घायलों को एंबुलेंस से चौपारण स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया। घायलों के नाम शशिकांत साहनी (राजस्थान) एवं अनिल यादव (बलिया, उत्तर प्रदेश) बताये गये।
‘मौत की घाटी’ बनी दहशत का दूसरा नाम
परसादी दनुआ घाटी का नाम स्थानीय लोगों के बीच लंबे समय से डर के पर्याय के रूप में लिया जाता है। खतरनाक मोड़, गहरी ढलान और अंधेरे में दृश्यता की कमी, यह रास्ता कई परिवारों के लिये अब तक दर्द की कड़ी छोड़ चुका है। स्थानीय लोगों का कहना है कि “इस घाटी पर सुरक्षा इंतजाम बढ़ाने की जरूरत है, वरना हादसे यूं ही मौत का मंजर बनते रहेंगे।”












