Hazaribagh(Sunil/Pooja) : पूर्व मंत्री योगेन्द्र साव को धरना स्थल से कथित तौर पर ‘बेरहमी’ से उठाये जाने की फैली खबर के बाद केरेडारी से लेकर हजारीबाग तक जनाक्रोश उबाल पर है। स्थानीय लोगों का कहना है कि केरेडारी के चट्टी बरियातू कोल माइंस क्षेत्र में पूर्व मंत्री लंबे समय से प्रभावित ग्रामीणों के मुआवजे और हक–अधिकार को लेकर शांतिपूर्ण धरने पर बैठे थे, लेकिन अचानक पुलिस की दस्तक ने माहौल को तनाव में बदल दिया। धरना स्थल पर मौजूद लोगों का इल्जाम है कि पुलिस अचानक पहुंची, धक्का–मुक्की हुई और पूर्व मंत्री को जबरन पगार ओपी ले जाया गया। ग्रामीणों का कहना था कि जब पूर्व मंत्री के साथ ऐसा हो सकता है, तो आम आदमी की क्या बिसात। गिरफ्तारी की खबर मिलते ही पूर्व विधायक अंबा प्रसाद तुरंत थाना पहुंचीं। पिता की गिरफ्तारी के पीछे की वजह जानने की कोशिश में उनका चेहरा भी बेचैनी से भरा दिखा। समर्थकों का गुस्सा साफ झलक रहा था, उनका कहना था कि “आंदोलन शांतिपूर्ण था, फिर ये सख्ती क्यों?” बेटी अंबा बोली हजारीबाग में ऐसे पदाधिकारी की जरूरत है, जो आम गरीब जनता के दर्द को समझ सके। पर यह दुखद है कि यहां आते ही अधिकारी कंपनी के सरवेंट हो जाते हैं, सुनें क्या बोली पूर्व विधायक अंबा प्रसाद….










