Kohramlive : बीएसएनएल (BSNL) के एक अधिकारी को टेलीकॉम मिनिस्टर अश्विनी वैष्णव की बैठक में झपकी लेना भारी पड़ा गया। ऐसा करते पकड़े जाने पर उसकी हमेशा के लिए छुट्टी हो गई। रिपोर्ट की मानें तो इस अधिकारी ने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) ले लिया है।
अधिकारी ने तुरंत ले लिया VRS
पीटीआई के मुताबिक, मंत्रिमंडल द्वारा सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यम के लिए 1.64 लाख करोड़ रुपये के पैकेज को मंजूरी देने के बाद केंद्रीय दूरसंचार मंत्री अश्विनी वैष्णव (Ashwini Vaishnaw) बैठक कर रहे थे। इसी दौरान बैठक में मौजूद एक अधिकारी को झपकी आ गई। बैठक में झपकी लेते हुए पकड़े जाने के बाद BSNL के इस वरिष्ठ अधिकारी ने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेने का फैसला कर लिया।
खुद टेलीकॉम मिनिस्टर ने पकड़ा
पीटीआई की एक रिपोर्ट के अनुसार, केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने खुद बैठक में सो रहे इस मुख्य महाप्रबंधक (CGM) स्तर के अधिकारी को पकड़ा और उसे तुरंत कमरे से बाहर निकल जाने के लिए कह दिया। रिपोर्ट के मुताबिक, यह अधिकारी बेंगलुरु में कार्यरत था। इसके बाद सीजीएम को VRS लेने के लिए मजबूर होना पड़ा। टेलीकॉम मिनिस्टर ने अगस्त महीने में ही अधिकारियों को सख्त चेतावनी दी थी।
मंत्री ने अगस्त में दी थी चेतावनी
अगस्त के पहले हफ्ते में केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कर्मचारियों को चेतावनी देते हुए बीएसएनएल (BSNL) की कायापलट करने के लिए प्रदर्शन में सुधार और ऐसा ना करने पर वीआरएस का विकल्प चुनने को कहा था। अब ऐसा लगता है कि उनके ये शब्द महज से चेतावनी नहीं थे। इस संबंध में दूरसंचार मंत्रालय और बीएसएनएल की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की गई है।
‘काम सुधारो या फिर कंपनी छोड़ो’
अश्विनी वैष्णव ने अगस्त की बैठक में बीएसएनएल कर्मचारियों और अधिकारियों से दो टूक कहा था कि ‘काम सुधारो या फिर कंपनी छोड़ो’। बैठक के दौरान उन्होंने कहा था कि इतना बड़ा पैकेज देकर सरकार ने वही किया जितना वो कर सकती है। अब बारी आपकी है जी जान लगाने की, ताकि विभाग को काम दिखे और जनता को सुविधा मिले। इसमें कोई कोताही सरकार बर्दाश्त नहीं करेगी। हमें दो साल में नतीजे चाहिए। बता दें BSNLकी 2023 में 4जी लॉन्च करने की योजना बना रही है।












