मुंबई : NPCI ने इंस्टैंट मैसेजिंग ऐप व्हाट्सएप को देश में भुगतान सेवा शुरू करने की इजाजत दे दी है। NPCI की ओर से यह घोषणा उसके कुल UPI ट्रांजैक्शन में किसी तीसरे पक्ष पर केवल 30 प्रतिशत हिस्सेदारी सीमा तय करने के बाद की गई। यानी कि व्हाट्सएप या उसकी प्रतिद्वंद्वी गूगल की गूगल पे सेवा और वालमार्ट की फोनपे सेवा UPI के तहत होने वाली कुल लेनदेन में अधिकतम 30 प्रतिशत तक ही कारोबार कर पाएंगी।
UPI ट्रांजैक्शन दो अरब के पार
NPCI UPI का परिचालन करता है, जो वास्तविक समय में दो मोबाइल फोन या किसी दुकानदार के साथ खरीद-फरोख्त में भुगतान की सुविधा देती है। NPCI ने कहा कि UPI ट्रांजैक्शन में किसी एकल तीसरे पक्ष के लिए लेनदेन की सीमा तय किए जाने से पूरी प्रणाली का जोखिम कम करने में मदद मिलेगी। यह अनिवार्य भी है क्योंकि UPI के तहत ट्रांजैक्शन की संख्या अक्टूबर में दो अरब के पार जा चुकी है और अभी आगे इसके और बढ़ने की संभावना है।
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व्हाट्सएप 40 करोड़ से अधिक उपयोक्ता हैं
भुगतान कारोबार में काम कर रही कंपनियों का मानना रहा है कि व्हाट्सएप को भुगतान सेवा शुरू करने की अनुमति देने से भारतीय डिजिटल भुगतान क्षेत्र में भुगतान की संख्या बहुत ज्यादा बढ़ जाएगी। चीन में वीचैट के अकेले एक अरब से अधिक सक्रिय उपयोगकर्ता हैं। मई तक के आंकड़ों के हिसाब से देश में व्हाट्सएप के 40 करोड़ से अधिक उपयोक्ता हैं, जबकि अन्य तीसरे पक्ष की ऐप गूगलपे के 7.5 करोड़ और फोनपे के छह करोड़ उपयोक्ता हैं।
बहु-बैंक मॉडल के तहत UPI शुरू कर सकती है व्हाट्सएप
व्हाट्सएप पिछले दो साल से पायलट आधार पर इस सेवा का संचालन कर रहा था लेकिन डेटा के स्थानीयकरण की अनिवार्यताएं पूरी नहीं करने के चलते उसे आधिकारिक अनुमति नहीं दी गई। एनपीसीआई ने व्हाट्सएप को अनुमति देने और लेनदेन की सीमा तय करने के दो अलग बयान जारी किए हैं।
बयान के मुताबिक यूपीआई के तहत प्रक्रिया में होने वाली सभी लेनदेन के कुल संख्या का 30 प्रतिशत की सीमा सभी तीसरे पक्ष वाले ऐप सेवा प्रदाताओं पर एक जनवरी 2021 से लागू होगी। व्हाट्सएप बहु-बैंक मॉडल के तहत अपनी UPI सेवाओं को अब शुरू कर सकती है।
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