मध्यप्रदेश: जिस्मफरोसी का धंधा हर रोज कही ना कही देखने को मिल ही जाता है और कोई भी सही तरीके से कानूनी कार्रवाई नहीं करता है। लेकिन प्रदेश का पहला कार्यक्रम जहां देह व्यापार रोकने के लिए जिला जज ने सीधी बात की। कार्यक्रम में नीमच न्यायालय के सभी जजों ने एनजीओ के माध्यम से जिले में देह व्यापार रोकने के लिए समुदाय के युवकों व युवतियों से साथ आने की अपील की। साथ ही समुदाय की उन लड़कियों का भी उत्साहवर्धन किया जो देह व्यापार के दलदल में ना जाते हुए आत्मसम्मान से नौकरियां कर रही है।
जिला न्यायाधीश (डीजे) हृदयेश श्रीवास्तव ने एक विषेश समुदाय की बालिकाओं के उत्थान के लिए एक संवाद का कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम में मौजूद विशेष समुदाय की लड़कियों और उनके माता-पिता से सीधा बात किया। साथ ही लड़कियों को आने वाली परेशानियों के बारे में जाना।
नीमच जिला एवं सत्र न्यायाधीश ह्रदयेश श्रीवास्तव ने कहा
विधिक सहायता प्राधिकरण का काम अब सिर्फ नि:शुल्क एडवोकेट भी उपलब्ध करवाना नहीं रहा है। अब हम लोग समाज के लोगों के साथ जुड़कर समाज की होने वाली बुराइयों को दूर करने का प्रयास कर रहे हैं। वहीं, आकाश भी इसी समुदाय से है, जो देह व्यापार के खिलाफ लड़ाई लड़ रहा है। आकाश कहना है कि नीमच मंदसौर रतलाम क्षेत्र में इस समुदाय की लगभग 2000 नाबालिग बच्चियां हैं, जिनकी उम्र 10 से 12 साल की है। उनसे सरेआम देह व्यापार करवाया जा रहा है। जिला न्यायाधीश की इस पहल से कहीं ना कहीं इस समुदाय की परिस्थितियों में सुधार आ जाएगा।










