Patna : बिहार में नीतीश सरकार अब और पहले से ज्यादा ताकतवर हो गई है। कांग्रेस के 2 और राजद के 1 विधायक ने भाजपा का दामन थाम लिया है। कांग्रेस से सिद्धार्थ और मुरारी गौतम ने भाजपा में चले गये, वहीं राजद से संगीता कुमारी ने यह रास्ता अपनाया है। मुरारी गौतम चेनारी विधानसभा से विधायक हैं। सिद्धार्थ सौरव विक्रम विधानसभा से विधायक हैं। राष्ट्रीय जनता दल की विधायक संगीता देवी मोहनिया विधानसभा से आती हैं। खबर है कि कुछ और विधायक पाला बदल भाजपा के हो सकते हैं।
दल-बदल कानून के तहत इनपर कार्रवाई तय है, वहीं तीनों की सदस्यता जाना भी पक्का है। अगर बहुमत परीक्षण से अबतक के विधायकों पर इस कानून के तहत कार्रवाई की गई तो राजद के विधायकों की संख्या 79 से घटकर 75 रह जायेगी और कांग्रेस 19 की जगह 17 पर आ जायेगी। अब पक्का हो गया है कि बिहार विधानसभा में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी हो जायेगी।

इसी महीने की 12 फरवरी को बिहार विधानसभा में हुये बहुमत परीक्षण के दिन लालू प्रसाद यादव की पार्टी राष्ट्रीय जनता दल के तीन विधायकों ने राष्ट्रीय जनता आंतरिक गठबंधन की ओर बैठकर विपक्ष को कमजोर किया था। उन तीन विधायकों की सदस्यता को लेकर अब तक संशय बना हुआ है। लेकिन अब तीन और विधायकों का महागठबंधन को झटका लगा है। बहुमत से पहले नीतीश सरकार ने राजभवन में भाजपा के 78, जनता दल यूनाइटेड के 45, हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा सेक्युलर के चार और एक निर्दलीय को मिलाकर कुल 128 का समर्थन पत्र सौंपा था। उसके बाद से विश्वास मत तक बार-बार खेला होने की चर्चा हो रही थी। दावा किया जा रहा था कि सरकार के विधायक टूटेंगे और खेल बहुमत नहीं साबित करने को लेकर होगा। लेकिन, हो गया उल्टा।
बिहार विधानसभा में CM नीतीश कुमार के फ्लोर टेस्ट के दौरान महागठबंधन को तीन विधायकों का नुकसान उठाना पड़ा था। अब एक बार फिर तिहरा झटका लगा है। फ्लोर टेस्ट के पहले अपने विधायकों को हैदराबाद में रखने वाली कांग्रेस के दो MLA ने भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया है। इधर तेजस्वी यादव की जन्म विश्वास यात्रा के दौरान ही राजद की एक विधायक ने भी भाजपा का रुख किया है।
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