Bihar : हथियारों के कथित नेटवर्क में नाम सामने आने के बाद जांच एजेंसियों के निशाने पर आये भैरव त्रिपाठी उर्फ मास्टर की मुश्किलें अब और बढ़ती दिख रही हैं। AK-47 राइफल बरामदगी मामले में NIA की कार्रवाई के बाद अब पुलिस उसकी चल-अचल संपत्तियों का पूरा हिसाब जुटाने में लग गई है। पुलिस की विशेष टीम यह पता लगाने में जुटी है कि भैरव त्रिपाठी के नाम या उससे जुड़े लोगों के नाम पर कहां-कहां जमीन, मकान या दूसरी संपत्तियां हैं और उनके खरीदने के लिये इस्तेमाल रकम का स्रोत क्या था। पुलिस ने संपत्ति का ब्योरा जुटाने के लिये संबंधित अंचल और निबंधन कार्यालयों से संपर्क किया है। जमीन के दस्तावेज, मकान और दूसरी चल-अचल संपत्तियों से जुड़े रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक उन संपत्तियों का भी आकलन किया जा रहा है, जिन्हें अपराध से अर्जित रकम से खरीदे जाने की आशंका है। रिकॉर्ड सामने आने के बाद पुलिस पूरी रिपोर्ट तैयार करेगी। अधिकारियों के मुताबिक संपत्ति से जुड़ी जांच की प्रारंभिक रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय भेजी जा चुकी है। अब विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा रही है। इस रिपोर्ट में संपत्तियों के स्रोत, खरीद से जुड़े दस्तावेज और रकम के स्रोत समेत दूसरे पहलुओं की जांच शामिल होगी।
राहुल नगर से चलता था हथियार सप्लाई का कथित नेटवर्क
भैरव त्रिपाठी मूल रूप से साहेबगंज थाना क्षेत्र के अहियापुर गांव के वार्ड नंबर-7 का रहने वाला बताया गया है। वहीं ब्रह्मपुरा थाना क्षेत्र के राहुल नगर रोड नंबर-3 में भी उसका मकान है। जांच एजेंसियों के अनुसार इसी इलाके से वह हथियार और कारतूस की सप्लाई के कथित नेटवर्क को संचालित कर रहा था। STF की पूछताछ के बाद भैरव त्रिपाठी को NIA के हवाले किया गया था। हथियार तस्करी के इस नेटवर्क की जांच में NIA लगातार कार्रवाई कर रही है। जांच के दौरान अब तक एक मुख्य और तीन पूरक चार्जशीट दाखिल किये जाने की जानकारी सामने आई है। भैरव त्रिपाठी का आपराधिक इतिहास भी जांच का अहम हिस्सा है। ब्रह्मपुरा थाना पुलिस ने राहुल नगर इलाके में छापेमारी कर उसे बीते 4 अप्रैल को अवैध हथियार और गोलियों के साथ गिरफ्तार किया था। इसके बाद उसे जेल भेज दिया गया था। इससे पहले 25 मार्च 2025 को बिहार STF ने उसे सारण जिले के भेल्दी से गिरफ्तार किया था। उस कार्रवाई में पुलिस ने उसके पास से 7.65 एमएम की 80 कारतूस, 9 एमएम की 15 जिंदा गोलियां और 1.70 लाख रुपये नकद बरामद करने का दावा किया था।







