Ranchi : घरों में सजने लगा है कान्हा का दरबार, मंदिरों में गूंजेगा भजन और कल आधी रात को होगा लड्डू गोपाल का जन्मोत्सव। इस साल 4 सितंबर को कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व मनाया जायेगा। भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का यह पर्व देशभर में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाता है। भक्त दिनभर व्रत रखते हैं और रात में भगवान कृष्ण की विशेष पूजा-अर्चना के बाद मध्यरात्रि में जन्मोत्सव मनाते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान श्रीकृष्ण का जन्म रोहिणी नक्षत्र में मध्यरात्रि के समय हुआ था। इस बार जन्माष्टमी पर अष्टमी तिथि, रोहिणी नक्षत्र और वृषभ राशि में चंद्रमा का संयोग भी बताया जा रहा है।
4 सितंबर को ही क्यों मनेगी जन्माष्टमी?
पंडित झा जी के अनुसार, भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि 4 सितंबर की रात 2.25 बजे शुरू होगी और 5 सितंबर की रात 12.13 बजे तक रहेगी। इसी वजह से जन्माष्टमी का पर्व 4 सितंबर को ही मान्य होगा। जन्माष्टमी पर श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की पूजा का शुभ समय..
निशीथ काल: रात 11:57 बजे से 12:43 बजे तक
अभिजीत मुहूर्त: रात 11:56 बजे से 12:44 बजे तक
अमृत काल: रात 8:03 बजे से 9:33 बजे तक
मध्यरात्रि पूजा: रात 12 बजे के आसपास
यानी भक्त रात में भगवान के जन्म का इंतजार करेंगे और मध्यरात्रि के शुभ समय में कान्हा की पूजा-अर्चना कर जन्मोत्सव मनायेंगे।




