Garhwa(Nityanand Dubey) : गढ़वा में शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा देने की पहल शनिवार को टाउन हॉल से शुरू हुई। जिला शिक्षा परियोजना की ओर से आयोजित “Garhwa Learns, Garhwa Leads” कार्यक्रम का भव्य शुभारंभ DC दिनेश यादव की अध्यक्षता में किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य जिले की शैक्षणिक और सह-शैक्षणिक गतिविधियों में गुणात्मक सुधार लाना है। कार्यक्रम में शिक्षा विभाग के पदाधिकारी, शिक्षक, प्रशासनिक अधिकारी और जनप्रतिनिधियों की बड़ी मौजूदगी रही। पूरे सभागार में शिक्षा सुधार को लेकर उत्साह और सकारात्मक ऊर्जा का माहौल देखने को मिला।कार्यक्रम को संबोधित करते हुये DC दिनेश यादव ने कहा कि “शिक्षा मानव मूल्यों के विकास का सबसे सशक्त माध्यम है। यदि शिक्षक और अधिकारी सकारात्मक ऊर्जा के साथ कार्य करें तो जिले की शैक्षणिक तस्वीर पूरी तरह बदल सकती है।” उन्होंने स्पष्ट किया कि District Education Innovation Challenges (DEIC) और Performance Review Indicators में गढ़वा के प्रदर्शन को बेहतर बनाने के लिए यह विशेष कार्ययोजना तैयार की गई है। इसके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिला स्तर पर एक समर्पित कार्यदल का गठन भी किया गया है।
SOP के साथ चलेगा अभियान
जिला शिक्षा पदाधिकारी कैसर रजा ने कार्यक्रम की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत करते हुये बताया कि इस पहल के तहत मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार की गई है, जिससे हर स्कूल में एक समान गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने अभियान के प्रमुख घटकों की जानकारी दी—
मिशन रेड अलर्ट व परख – छात्र उपस्थिति बढ़ाने और शैक्षणिक स्तर के मूल्यांकन हेतु
गढ़वा स्पीक्स – बच्चों में आत्मविश्वास और मंच पर बोलने की क्षमता का विकास
स्मार्ट क्लास – तकनीक आधारित आधुनिक शिक्षा
ग्रीन स्कूल, क्लीन स्कूल – पर्यावरण संरक्षण व स्वच्छता अभियान
इग्नाइट इनोवेशन व डेस्टिनेशन – विज्ञान, नवाचार और प्रयोगात्मक सीख
पीएम पोषण योजना – मध्याह्न भोजन का प्रभावी संचालन
अच्छा प्रदर्शन करने वाले विद्यालय होंगे सम्मानित
कार्ययोजना के तहत जिले के सभी विद्यालयों का नियमित मूल्यांकन किया जायेगा। अपने-अपने प्रभाग में उत्कृष्ट कार्य करने वाले विद्यालयों और शिक्षकों को जिला स्तर पर सम्मानित किया जायेगा। इस कार्यक्रम का मुख्य लक्ष्य शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करना, ड्रॉपआउट दर को शून्य पर लाना, शिक्षा को केवल पाठ्यक्रम नहीं, बल्कि समग्र विकास से जोड़ना है।अनुमंडल पदाधिकारी संजय कुमार ने भी शिक्षा की गुणवत्ता सुधार को लेकर अपने विचार रखे और प्रखंड स्तरीय नोडल शिक्षकों को उनकी जिम्मेदारियों से अवगत कराया।
कार्यक्रम में जिला परिषद उपाध्यक्ष सत्यनारायण यादव, जिला शिक्षा अधीक्षक अनुराग मिंज, डालसा सचिव एन.आर. लकड़ा, सभी बीईईओ, बीआरपी, सीआरपी और बड़ी संख्या में प्रधानाचार्य व शिक्षक मौजूद रहे।












