Kohramlive : कहते हैं जब अक्ल पर दखल पड़ती है तो मस्ती शुरू होती है, ठीक ऐसी ही मस्ती सूझी एक नेता को। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे की चिकनी सड़कों पर दौड़ती एक चमचमाती कार, मध्यप्रदेश की नंबर प्लेट और उस कार से उतरता एक चेहरा, मंदसौर जिला पंचायत के वार्ड नंबर 8 से जुड़ा नाम, मनोहरलाल धाकड़। जगह, एक्सप्रेसवे का वो मोड़, जहां CCTV चुपचाप देखता है और कैमरे की आंख में कैद हो जाती है एक सियासी शर्मिंदगी। वो नजारा, जिसे देख कोई भी कह उठे, “ये राजनीति है या रासलीला?”
जब कैमरे ने कह दिया “देख लो अपने नेता को”
वायरल वीडियो में साफ दिख रहा है, मनोहरलाल और एक महिला कार से उतरते हैं, महिला वस्त्रहीन, और फिर दोनों सार्वजनिक स्थान पर रिश्तों की सारी मर्यादा तोड़ते हुये शारीरिक संबंध बनाते हैं। CCTV में ये पूरा दृश्य रिकॉर्ड हो गया। और फिर, वायरल हो गया। जैसे ही वीडियो वायरल हुआ, शुरू हुई ब्लैकमेलिंग की कहानी, NHAI के कर्मचारियों ने पहले मनोहरलाल को वीडियो दिखाकर डराया, फिर डील पक्की करने की कोशिश की, और जब सौदा नहीं सधा, तो वीडियो को सोशल मीडिया के हवाले कर दिया गया। अब पुलिस इस लीक के पीछे की मंशा और षड्यंत्र की भी जांच कर रही है। इधर, जिस राजनीतिक पार्टी से जुड़े रहने में मनोहरलाल का नाम उछला, उस पार्टी का कहना है “मनोहरलाल कोई अधिकृत नेता नहीं, हम इससे कोई वास्ता नहीं रखते।” धाकड़ समाज भी पीछे नहीं रहा, समाज ने उन्हें दायित्वों से मुक्त कर दिया और मान लिया कि “धाकड़” अब सिर्फ उपनाम है, सम्मान नहीं। पुलिस ने धारा 294 (अश्लीलता) और अन्य धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। वहीं पुलिस ने मनोहर लाल को अरेस्ट कर लिया है। महिला की पहचान हो चुकी है, कार जब्त कर ली गई है, अब तलाश है उन चेहरों की, जो ‘एक्सप्रेसवे’ को ‘एक्सपोज वे’ बना गये।




