Ramgarh : रामगढ़ के नेमरा गांव में गुरुवार को CM हेमंत सोरेन अपने पैतृक गांव पहुंचकर आदिवासी परंपरा के सबसे अहम पर्वों में से एक बाहा पर्व में शामिल हुये। गांव की पगडंडियों से लेकर जाहेर थान तक उत्सव का माहौल था। CM हेमंत सोरेन ग्रामीणों के साथ पैदल चलते हुये पूजा स्थल पहुंचे। नेमरा गांव स्थित जाहेर थान में CM ने पूजा-अर्चना कर झारखंडवासियों की सुख-समृद्धि, खुशहाली और उन्नति की कामना की। पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार पूजा संपन्न हुई। गांव के नाइके बाबा (पाहन) चैतन टुडू और कुडम नाइके बाबा (उप पाहन) छोटू बेसरा ने विधि-विधान से पूजा कराई। CM हेमंत सोरेन अपने घर से ग्रामीणों के साथ पदयात्रा करते हुये जाहेर थान पहुंचे। CM हेमंत सोरेन को अपने बीच देखकर नेमरा और आसपास के गांवों में उत्साह चरम पर दिखाई दिया। ग्रामीण ढोल-नगाड़ा और मांदर बजाते हुये जुलूस की तरह जाहेर थान पहुंचे। मुख्यमंत्री ने भी स्वयं मांदर बजाकर लोगों का उत्साह बढ़ाया। पूरे इलाके में पारंपरिक गीत-संगीत और उल्लास का माहौल रहा। CM हेमंत सोरेन अपनी पत्नी और विधायक कल्पना सोरेन के साथ दो दिवसीय दौरे पर नेमरा पहुंचे। उनके गांव आने की खबर मिलते ही आसपास के इलाकों से बड़ी संख्या में लोग नेमरा पहुंचे और उनसे मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने भी आत्मीयता के साथ लोगों से बातचीत की और सबको बाहा पर्व की शुभकामनाएं दीं। बाहा पर्व झारखंड की आदिवासी संस्कृति का एक अहम उत्सव है, जो प्रकृति, फूल और नई ऋतु के स्वागत का प्रतीक माना जाता है। नेमरा में इस बार का बहा पर्व इसलिए भी खास रहा, क्योंकि गांव की मिट्टी में पले-बढ़े मुख्यमंत्री ने अपने लोगों के बीच रहकर परंपरा को जीवंत कर दिया।













