Ranchi : सर्द हवा बदन को जमा रही है, लेकिन वार्ड 34 के लोगों को पानी की कमी है। विद्यानगर, गंगानगर, यमुनानगर, कृष्णा नगर और बजरा, इन मोहल्लों में रहने वाले सैकड़ों परिवारों के लिये हर सुबह की शुरुआत एक ही सवाल से होती है, आज पानी मिलेगा या नहीं? ITI बस स्टैंड के पास पानी की टंकी बनकर खड़ी है, मोहल्लों में पाइपलाइन भी बिछ चुकी है, लेकिन स्थायी जलापूर्ति अब तक केवल फाइलों में बह रही है, जमीन पर नहीं। नल आज भी खामोश हैं। स्थायी आपूर्ति न होने से लोग नगर निगम के टैंकरों पर निर्भर हैं। कभी टैंकर देर से आता है, कभी पानी ही कम पड़ जाता है। ठंड के मौसम में लोग सुबह-सुबह और देर शाम बाल्टी-डिब्बा लेकर लाइन में लगते हैं। बच्चे स्कूल से पहले, बुजुर्ग कांपते हाथों से पानी ढोने को मजबूर हैं। कई परिवारों में पानी की चिंता ने दिनचर्या बिगाड़ दी है। नहाना, खाना, साफ-सफाई, हर काम पानी के इंतजार से जुड़ गया है। ठंड में यह संकट और भी बेरहम हो गया है। पूर्व पार्षद अरुण कुमार झा ने इस पीड़ा को आवाज दी है। उन्होंने सैकड़ों परिवारों के साथ हस्ताक्षर अभियान चलाकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखा और तत्काल स्थायी जलापूर्ति की मांग की। अरुण कुमार झा ने मीडिया से कहा कि अगर जल्द ठोस कदम नहीं उठे, तो हालात और बिगड़ सकते हैं। पानी जीवन है, इसे टालना खतरे से खाली नहीं।

नगर निगम का कहना है कि तकनीकी और प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी होते ही नियमित जलापूर्ति शुरू कर दी जायेगी। फिलहाल वार्ड 34 के लोग ठंड और प्यास के बीच राहत की आस लगाये बैठे हैं।
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