Nepal : नेपाल में भोटेकोशी नदी की अचानक आई बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हादसे में 300 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। सैकड़ों लोग अब भी लापता हैं। इनमें बड़ी संख्या में भारतीय पर्यटक भी शामिल हैं। अचानक आई बाढ़ ने मध्य नेपाल के कई इलाकों को अपनी चपेट में ले लिया। घर, वाहन, पुल और सड़कें बह गईं। करीब एक दर्जन जलविद्युत परियोजनायें भी प्रभावित हुई हैं। कई इलाकों में अब भी आवाजाही बाधित है। बताया जा रहा है कि भोटेकोशी की सहायक नदी ल्हेंदे का बहाव भूस्खलन या हिमस्खलन के कारण रुक गया था। इसके बाद अचानक पानी का दबाव बढ़ा और तेज बहाव ने नेपाल-चीन सीमा के पास तिमुरे इलाके में भारी तबाही मचा दी। खास बात यह रही कि इलाके में भारी बारिश नहीं हो रही थी। लिहाजा लोगों को अचानक आई बाढ़ का अंदाजा तक नहीं था।
भारतीयों को निकालने में जुटा भारत
नेपाल में फंसे भारतीयों की सुरक्षित वापसी के लिए भारत ने अभियान तेज कर दिया है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, 288 भारतीयों के लापता होने की सूचना है। तमिलनाडु के 21 लोगों को सुरक्षित बचाया जा चुका है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने उच्चस्तरीय बैठक कर नेपाल और चीन में भारतीयों की स्थिति की समीक्षा की। काठमांडू और बीजिंग स्थित भारतीय राजदूत भी बैठक में शामिल हुये। भारत ने मानवीय सहायता के तहत राहत सामग्री भी भेजी है। भारतीय वायुसेना ने राहत सामग्री और मेडिकल सप्लाई पहुंचाने के लिए C-130J विमान तैनात किया है। C-17 और C-130 विमानों के अलावा बचाव के लिए हेलीकॉप्टर भी तैयार रखे गये हैं।
अस्पतालों के बाहर अपनों की तलाश
बाढ़ के बाद नेपाल के अस्पतालों के बाहर बड़ी संख्या में लोग अपने लापता परिजनों की तलाश कर रहे हैं। काठमांडू के नेशनल ट्रॉमा सेंटर और त्रिभुवन विश्वविद्यालय शिक्षण अस्पताल में लोगों की भीड़ जुटी है। परिजन तस्वीरें लेकर अस्पतालों के चक्कर काट रहे हैं। किसी को अपनों के जिंदा मिलने की उम्मीद है, तो किसी को उनकी खबर का इंतजार। नेपाल की भयावह स्थिति को देखते हुय ब्रिटेन ने 50 लाख पाउंड की आर्थिक मदद और आपातकालीन बचावकर्मियों की पेशकश की है। ब्रिटिश प्रधानमंत्री एंडी बर्नहम ने हालात को बेहद भयावह बताया है। संयुक्त राष्ट्र ने भी नेपाल और चीन में बाढ़ से हुई तबाही पर दुख जताया है। राहत कार्यों के लिए शुरुआती तौर पर 20 लाख डॉलर की सहायता आवंटित की गई है।
कैलाश मानसरोवर यात्री भी फंसे
इस आपदा में कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गये कई भारतीय भी फंस गये। तमिलनाडु, गुजरात, पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों के पर्यटकों के लापता होने की जानकारी सामने आई है। नेपाल पर्यटन बोर्ड के अनुसार, 826 लोगों के लापता होने की सूचना मिली है। इनमें बड़ी संख्या में पर्यटक शामिल हैं। फिलहाल नेपाल में राहत और बचाव अभियान युद्धस्तर पर जारी है। सुरक्षाबल, स्थानीय प्रशासन और राहत दल मलबे में जिंदगी तलाश रहे हैं। कुदरत के इस कहर ने नेपाल को झकझोर दिया है।







