Pakur (Jaydev Kumar) : नर्स गुंजन कुमारी की आंखों की नींद चली गई। सुकून चला गया। दिन-रात एक ही चिंता उसे खाई जा रही थी कि आखिर उसके बैंक खाते से किसने और कैसे 91 हजार 614 रुपये निकाल लिये। उसके पास ना कोई मैसेज आया था, ना कोई OTP और ना उसने कोई लिंक खोला तो फिर यह सब हुआ कैसे? उसका मोबाइल फोन भी उसके पास ही रहता था, तब यह कैसे हो गया। वो बैंक से लेकर पाकुड़ के हिरणपुर थाना तक दौड़ती रही। ATM से बैलेंस चेक किया तो पता चला कि बीते 10 अक्टूबर से 15 दिसंबर के बीच कुल 25 बार करके उसके खाते से गलत तरीके से पैसे निकाल लिये गये। ये सारे पैसे UPI के थ्रू निकाले गये थे।
बैंक स्टेटमेंट से खुलासा हुआ कि अलग-अलग फोन नंबर पर SMS किया गया है। खून-पसीने की कमाई यूं ही उड़ा लिये जाने से दुखी गुंजन कुमारी की हालत देख पुलिस को तरस आ गई। पुलिस ने केस दर्ज कर तफ्तीश शुरू कर दी। तफ्तीश से खुलासा हुआ कि गुंजन कुमारी किसी साइबर क्रिमिनल की ठगी की शिकार नहीं हुई है। गुंजन का बेटा ही सारा पैसा यानी 91 हजार 614 रुपये फ्री फायर गेम में हार गया। बेटा को फ्री फायर गेम खेलने की लत ऐसी लगी कि उसने अपनी मम्मी का ही खाता खाली कर दिया। इस गेम में बेटा का साथ उसके कुछ दोस्त दिया करते थे। इस कांड का खुलासा करने वाले हिरणपुर के थानेदार अमर कुमार मिंज ने खुलासा किया कि पाकुड़ में फ्री फायर गेम इस कदर बच्चों को जकड़ रखा है कि हंसते-खेलते कई परिवार बर्बाद हो गये। सुने क्या बोली नर्स गुंजन कुमारी और थानेदार अमर कुमार मिंज…
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