रांचीः ”मम्मी-मम्मी बेहद शुभ फलदायी समय भी आ गया, तूने वादा किया था इस साल अक्षय तृतीया तेरे गले में सोने की चेन जरूर होगी, सोना का दाम भी घट गया है, मुझे भी इस पल का इंतजार था, तूझे ज्यादा नहीं लगाना होगा, बस थोड़ा सपोर्ट कर दो, ताकि अक्षय तृतीया पर मेरा गला चमचमा जाये।” बेटी की मुख से निकले इस बोल को सुन मम्मी ने पूछा, कब है अक्षय तृतीया? ”मम्मी अनजान मत बनो, इस बार कोई बहाना नहीं चलेगा, सारी दुनिया को खबर है कि अक्षय तृतीया आज यानी 22 अप्रैल को है। इस रोज सोना या कीमती वस्तु खरीदना भी शुभ होता है।” मम्मी भी नहीं चुकी, पूछ लिया, अच्छा यह बता दो अक्षय तृतीया का लोगों को क्यों इंतेजार रहता है, बता दोगी तो तेरा पक्का। मम्मी के इस सवाल पर बिटिया प्रिया ने कहा, ”सच में, पहले वादा करो, तुम मुकरोगी नहीं, मुझे पता था, तुम यह जरूर पूछोगी, हमने अक्षय तृतीया के बारे में जाना-सुना है, अच्छा सुनो…
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, अक्षय तृतीया के दिन द्वापर युग का अंत हुआ था, वहीं त्रेता युग और सतयुग की शुरुआत हुई थी। इस रोज शुभ काम या सोने की खरीदारी को अच्छा माना गया है। इस दिन गंगा स्नान करने की भी पुरानी प्रथा है। मान्यता है कि इस रोज गंगा स्नान से सारे पापों से मुक्ति मिलती है। इस दिन पितृ श्राद्ध करने का भी विधान है। इस रोज दही-चावल, जौ, गेहूं, चने, सत्तू एवं दूध से बने पदार्थ अपने पितरों के नाम से दान कर ब्राह्मण को भोजन कराना भी अच्छा माना गया है। बिटिया प्रिया आगे अपनी मम्मी को बताती है कि वैशाख महीने के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को अक्षय तृतीया मनाई जाती है। हिंदू पंचांग में इसे सबसे शुभ दिन माना गया है। अक्षय तृतीया को ‘अखा तीज’ भी कहा जाता है। ऐसी मान्यता है कि इसी दिन भगवान परशुराम, नर-नारायण और हयग्रीव का अवतार हुआ था। इस दिन सूर्य और चन्द्रमा दोनों उच्च राशि में होते हैं। इसलिये इस रोज सोना खरीदना या नई चीजों में निवेश करना शुभ माना जाता है। मीडिया में रिपोर्ट आई है कि अक्षय तृतीया पर सोना खरीदने का समय 22 अप्रैल 2023 को सुबह 07 बजकर 49 मिनट से शुरू होकर 23 अप्रैल को सुबह 05 बजकर 48 मिनट तक रहेगा। सोना खरीदने की कुल अवधि 21 घंटे 59 मिनट रहेगी। अक्षय तृतीया पर 125 सालों बाद पंचग्रही योग भी बनने जा रहा है। मेष राशि में 5 ग्रह राहु, सूर्य, गुरु, बुध और यूरेनस पंचग्रही योग का निर्माण करेंगे। इस दिन चंद्रमा और शुक्र दोनों वृष राशि में होकर बेहद शुभ फलदायी स्थिति में होंगे। ये शुभ संयोग मेरे राशि में भी अच्छा साबित होगा। बिटिया मम्मी को विधि-विधान पर भी बता गई… बोली, इस दिन सुबह-सुबह स्नान कर पीले वस्त्र धारण करने चाहिये। घर के मंदिर में विष्णु भगवान को गंगाजल से शुद्ध करके तुलसी, पीले फूलों की माला या पीले पुष्प अर्पित करें। फिर धूप-अगरबत्ती, ज्योत जलाकर पीले आसन पर बैठकर विष्णु भगवान का पूजा-पाठ करें। अंत में विष्णु भगवान की आरती करने से अत्यंत पुण्य-फलदायी होता है। गरीबों को दान देना भी पुण्य है।
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