UP : यह कहानी नहीं, एक सांसे रोक देने वाला सच है। फर्रूखाबाद के रतीराम नट, जो अपने 9 बच्चों और पत्नी रीना के साथ मजदूरी करने कासगंज आया था, अब इस दुनिया में नहीं है। रतीराम की झोपड़ी अब खाली थी, लेकिन उसके आंगन में 9 मासूम चेहरे भूख, डर और इंतजार के बीच थरथरा रहे थे। “मम्मी, पापा कहां चले गये? भूख लगी है, मम्मी कब आयेगी…?” लेकिन जवाब देने वाला कोई नहीं था। रीना 20 जून को प्रेमी हनीफ के साथ फुर्र हो चुकी थी और पीछे छोड़ गई थी 9 बच्चों का बिलखता संसार। बीते 21 जून को भट्ठे के पास से गुजरते कुछ राहगीरों ने देखा, एक टूटी सी झोपड़ी में बच्चों का हुजूम, ना खाना, ना सहारा, ना ममता। सूचना पुलिस तक पहुंची और वहीं से हत्याकांड की परतें खुलने लगीं। रतीराम का भाई अरविंद आया, थाने में केस दर्ज कराया और इल्जाम लगाया कि “मेरे भाई को उसकी ही पत्नी ने गायब करवा दिया, उसका प्रेमी हनीफ इसमें शामिल है।”
बदबू ने सच उगलवाया
बीते 22 जून की सुबह के करीब 10 बजे कस्बे में एक अजीब सी बदबू फैलने लगी। लोगों ने ढूंढना शुरू किया, और उनकी नजर पड़ी पानी की कुंडी पर, कुंडी के अंदर एक पैर बाहर झांक रहा था, सिर पानी में डूबा था। वो रतीराम था।
जिसे मार कर छिपा दिया गया था पानी की कुंडी में, इंसानियत के नीचे। पुलिस आई, फोरेंसिक टीम आई, भीड़ उमड़ी और गवाही दी उस बदबू ने, जो अब कहानी की गंध बन चुकी थी। बच्चे ननिहाल भेज दिये गये।








