Bihar : बीते साल महाराष्ट्र के कारोबारी लक्ष्मण साधु शिंदे के अपहरण और हत्या के मामले में पटना पुलिस ने कांड के मुख्य सूत्रधार शिवशंकर कुमार उर्फ बजरंगी को गिरफ्तार कर लिया है। नालंदा के हिलसा गांव में रहने वाला शिवशंकर पुलिस की टॉप-10 अपराधियों की सूची में शामिल था। वारदात के बाद से वह लगातार फरार चल रहा था। पुलिस के अनुसार, शिवशंकर और उसके गिरोह का तरीका बेहद शातिर था। गिरोह महाराष्ट्र समेत दूसरे राज्यों के कारोबारियों को बिजनेस के नाम पर पटना बुलाता था। इसके बाद जैसे ही कारोबारी पटना एयरपोर्ट पहुंचते, उन्हें गाड़ी में बैठाकर अगवा कर लिया जाता। फिर नालंदा या किसी दूसरी जगह ले जाकर उनके साथ मारपीट की जाती और ATM कार्ड व बैंक खातों से रुपये निकाले जाते। रकम हासिल करने के बाद कई कारोबारियों को छोड़ दिया जाता था। लेकिन लक्ष्मण साधु शिंदे के मामले में यह अपराध एक खौफनाक अंजाम तक पहुंच गया।
ATM से पैसे निकालते वक्त पीट-पीटकर हत्या का आरोप
पुलिस के मुताबिक, लक्ष्मण साधु शिंदे को भी इसी तरीके से निशाना बनाया गया था। आरोप है कि अपहरण के बाद उनके ATM कार्ड से लाखों रुपये निकाले गये। इसी दौरान बदमाशों ने उनकी बेरहमी से पिटाई की, जिससे उनकी मौत हो गई। मामले में पुलिस पहले ही गिरोह के सात सदस्यों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। लेकिन इस पूरी साजिश का मुख्य आरोपी शिवशंकर लंबे समय से पुलिस की पकड़ से बाहर था। महाराष्ट्र के पुणे निवासी विशाल लावाजी लोखंडे ने बीते साल 13 अप्रैल को एयरपोर्ट थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, उनके भाई लक्ष्मण साधु शिंदे बीते साल 11 अप्रैल को पटना एयरपोर्ट पहुंचे थे। एयरपोर्ट से निकलने के बाद उन्होंने अपनी पत्नी को फोन कर बताया था कि वह शिवराज सागी की ओर से भेजी गई गाड़ी से कोल इंडिया, झारखंड जाने के लिये निकल रहे हैं। लेकिन इसके बाद लक्ष्मण से परिवार का संपर्क टूट गया। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने खुद को कोल इंडिया का अधिकारी शिवराज सागी बताया और कारोबारी को बिजनेस के सिलसिले में पटना बुलाया। एयरपोर्ट पहुंचते ही उन्हें गाड़ी में बैठाया गया और फिर अगवा कर लिया गया। इसके बाद गिरोह ने कारोबारी के ATM और बैंक खातों से रकम निकालने के दरम्यान लक्ष्मण साधु शिंदे की हत्या कर दी गई।








