गोपालगंज : एक नाबालिग बार-बार बिकती रही, लोग उसे बार-बार खरीदते रहे। हर बार उसे रौंद आ जाता और जी भरने पर उसे दूसरे के हाथों बेच दिया जाता। करीब 6 महीने तक उसे अलग-अलग लोगों ने रौंदा, फिर उसे पहुंचा दिया गया नेपाल के रेड लाइट एरिया में। वहां हर दिन उसकी आबरू लूटी जाती। एक दिन किसी तरह वह वहां से भाग निकली और यूपी पुलिस के संपर्क में आई। यूपी पुलिस की मदद से उसे उसके घर घर पहुंचा दिया गया। वह गोपालगंज की रहनेवाली है।

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पीड़िता के पिता ने मीडिया को बताया कि 7 जुलाई 2021 को उनकी 16 साल की बेटी अचानक घर से गायब हो गई। इस संबंध में थाना में शिकायत दर्ज कराने पहुंचे, मगर पुलिस ने मामला दर्ज करने से इंकार कर दिया। वह बदनामी के डर से दोबारा थाना नहीं गए और अपने स्तर से खोजबीन शुरू की। पिछले 6 महीने से पिता बेटी की तलाश में दर-दर भटक रहे थे। अचानक 19 जनवरी को यूपी के गोरखपुर चाइल्ड केयर से उन्हें सूचना मिली कि आपकी बेटी जिले के सेंटर में है। वह भागे-भागे गोरखपुर पहुंचकर अपनी बेटी से मिले। बाप से मिलकर बेटी ने पूरी कहानी सुनाई और फूट-फूट कर रोने लगी। किशोरी ने बताया कि बलिवन सागर गांव के रहने वाले संजय पटेल ने नौकरी का झांसा देकर बहला फुसलाकर उसे अपने साथ कई दिनों तक यूपी में रखा और उसके साथ रेप करता रहा। इसके बाद संजय ने यूपी के कुशीनगर के रहने वाले शिवशंकर यादव के हाथों उसे 50 हजार में बेच दिया। उसके बाद शिव शंकर यादव और संजय पटेल दोनों ने मिलकर किशोरी के साथ रेप किया। दिन रात बंधक बनाकर उसका यौन शोषण करते रहे। उसके बाद किशोरी को कार में डालकर रक्सौल बॉर्डर पर ले जाया गया। उसके बाद दोनों आरोपियों ने नेपाल के एक रेड लाइट एरिया के दबंग को पीड़िता को बेच दिया। उसके बाद उसी रेड लाइट एरिया में उसे रोज रौंदा जाने लगा। एक दिन किशोरी को रक्सौल का रहने वाला एक युवक मिला। उसने युवक से किराये के पैसे मांगी और किसी तरह रेड लाइट एरिया से भागकर ट्रेन से बेतिया पहुंच गई। बेतिया से गोरखपुर पहुंची और रेल पुलिस को सूचना दी। रेल पुलिस ने युवती को गोरखपुर चाइल्ड केयर के हवाले कर दिया। पीडि़ता के बयान पर पुलिस ने पॉक्सो एक्ट और मानव तस्करी के साथ नौकरी का झांसा देकर यौन शोषण का मामला दर्ज कर संजय पटेल को अरेस्ट कर जेल भेज दिया। वहीं पूरे कांड का एक और मुख्य आरोपी शिवशंकर यादव अभी फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही है। गोपालगंज के सदर एसडीपीओ संजीव कुमार के मुताबिक, इस पूरे कांड के आरोपियों को स्पीडी ट्रायल कराकर सजा दिलाई जाएगी।
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