Jamshedpur : झारखंड के शिक्षा मंत्री और घाटशिला विधायक रामदास सोरेन (62) का शनिवार को जमशेदपुर के घोड़ाबांधा में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। उनके बड़े बेटे सोमेश सोरेन ने उन्हें मुखाग्नि दी। अंतिम यात्रा में हजारों लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी।
दिल्ली में हुआ था निधन
रामदास सोरेन का निधन शुक्रवार (15 अगस्त) देर रात दिल्ली के अपोलो अस्पताल में हुआ। वे पिछले 14 दिनों से ब्रेन स्ट्रोक के कारण जीवन रक्षक प्रणाली पर थे।
श्रद्धांजलि का सिलसिला
शनिवार सुबह उनका पार्थिव शरीर रांची लाया गया, जहां विधानसभा परिसर में उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। राज्यपाल संतोष गंगवार, विधानसभा अध्यक्ष रवींद्र नाथ महतो, विपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश, सांसद महुआ माजी समेत अनेक नेताओं ने उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किये। इसके बाद घाटशिला के मऊभंडार मैदान और जमशेदपुर स्थित झामुमो कार्यालय में हजारों लोगों ने अंतिम दर्शन कर श्रद्धांजलि दी।
अंतिम संस्कार में शामिल हुये दिग्गज
शाम करीब साढ़े पांच बजे जमशेदपुर के घोड़ाबांधा स्थित धुआं कॉलोनी श्मशान घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया। इसमें पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास, पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा, मंत्री दीपक बिरुवा, मंत्री चमरा लिंडा, मंत्री डॉ. इरफान अंसारी, कांग्रेस नेता बंधु तिर्की, सांसद विद्युत वरण महतो समेत बड़ी संख्या में नेता, जनप्रतिनिधि और आम लोग शामिल हुये।
शोक की लहर
रामदास सोरेन के निधन से पूरे पूर्वी सिंहभूम जिले और झारखंड में शोक की लहर है। उनका पार्थिव शरीर जैसे ही घोड़ाबांधा आवास पहुंचा, परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया और पूरे इलाके में मातम पसर गया।






