Ranchi : ग्रामीण विकास विभाग के सचिव डॉ. मनीष रंजन ने किसान उत्पादक संगठन की महिला किसानों द्वारा बेमिसाल 100 करोड़ के कारोबार के लक्ष्य को हासिल करने पर बधाई दी। इस उपलब्धि को ‘साइलेंट क्रांति ‘ बताते हुए उन्होंने महिलाओं को यही न रुकते हुए आने वाले वर्षो में कारोबार को 200 और फिर 500 करोड़ तक पहुचाने का लक्ष्य रखने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने पोटेंशियल नए बाज़ार, नेटवर्किंग, PDS डीलरशिप और कस्टमर डिमांड की समझ रखते हुए बिज़नस को आगे बढाने के लिए सुझाव दिए। वह सोमवार को प्रोजेक्ट भवन सभागार में झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (जेएसएलपीएस) द्वारा जोहार परियोजना के तहत किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ ) की प्रगति एवं समन्वय पर राज्य स्तरीय एक दिवसीय कार्यशाला में बोल रहे थे। उन्होंने इस अवसर पर उपस्थित किसानों को पारंपरिक खेती के अलावा पोल्ट्री, मछलीपालन आदि को वरीयता देने पर जोर दिया। प्रत्येक प्रखंड में एग्री मार्ट खोलना और कस्टम हायरिंग सेंटर को बड़े स्तर पर ले जाना सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
17 जिलों के किसानों ने कार्यक्रम में लिया भाग
कार्यशाला को संबोधित करते हुए सूरज कुमार, सीईओ, जेएसएलपीएस ने राज्य के 17 जिलों से आए किसान उत्पादक संगठनों (FPO) के सदस्यों को 100 करोड़ का कारोबार पर बधाई देते हुए, उनके क्षमतावर्धन, उत्पादों की मार्केटिंग आदि पर सुझाव दिए। सीईओ जेएसएलपीएस ने सफल किसान उत्पादक संगठनों को क्लस्टर एप्रोच के साथ आगे बढ़ने पर ज़ोर दिया। इसके साथ ही केंद्र सरकार द्वारा 10,000 किसान उत्पादक संगठनों के गठन के निर्धारित लक्ष्य को पूरा करने पर अपने विचार साझा किए।
जोहार परियोजना तहत 20 उत्पादक संगठनों ने पूरा किया 100 करोड़ का कारोबार
जोहार परियोजना के तहत गठित 20 उत्पादक संगठनों ने अबतक 100 करोड़ का कारोबार किया है। ग्रामीण महिलाओं द्वारा संचालित इन उत्पादक संगठनों द्वारा किसानों को कृषि यंत्र , कृषि सामग्रियों की खरीद-बिक्री एवं अन्य कृषि संबंधी सेवाएं दी जा रही हैं। राज्य भर में उत्पादक संगठनों द्वारा 27 एग्री मार्ट का संचालन किया जा रहा है, जिसके जरिए किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले कृषि सामग्री जैसे खाद, बीज इत्यादि उपलब्ध कराया जा रहा है। पशुपालन को बढ़ावा देने हेतु उत्पादक संगठनों द्वारा 19 पशुधन सेवा केंद्र का भी संचालन किया जा रहा है। परियोजना क्षेत्र में 138 ई-कस्टम हायरिंग सेंटर के जरिए किसानों को उचित दर पर कृषि यंत्र उपलब्ध कराए जा रहे है।
इनकी रही मौजूदगी
कार्यशाला में उप निदेशक, कृषि विभाग, वर्ल्ड बैंक प्रतिनिधि, डीजीएम नाबार्ड, जेआरईडीए के प्रतिनिधि, एजीएम जेआरजीबी,सीनियर मैनेजर बीओआई, प्रोजेक्ट डायरेक्टर- जोहार परियोजना एवं विभिन्न जिलों से उत्पादक समूह की माहिलाएं उपस्थित रहीं।
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