UP : कभी लो-वोल्टेज से पंखे की रफ्तार थम जाती थी, तो कभी जर्जर तार और खंभे लोगों की चिंता बढ़ा देते थे। अब बिजली व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिये जिले में सुधार का काम तेज किया गया है। तुलसीपुर, उतरौला और बलरामपुर डिविजन में बिजनेस प्लान के तहत ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाने, पुराने तार-खंभे बदलने और जरूरत के मुताबिक अतिरिक्त ट्रांसफार्मर लगाने का काम चल रहा है। जिन मोहल्लों में ओवरलोड के कारण ट्रांसफार्मर हांफ रहे थे, वहां अतिरिक्त ट्रांसफार्मर लगाकर लोड बांटा गया है। विभाग का दावा है कि इससे कई इलाकों में लो-वोल्टेज की समस्या खत्म हुई है।
200 से ज्यादा ट्रांसफार्मरों की बढ़ी क्षमता
जिलाधिकारी विपिन कुमार जैन ने मीडिया को बताया कि जिले में 200 से अधिक ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि की गई है। इसका असर यह हुआ कि अधिकांश स्थानों पर लो-वोल्टेज की समस्या में सुधार आया है। लेकिन बिजली सुधार के साथ अब विभाग ने एक दूसरी चुनौती पर भी नजरें टेढ़ी कर ली हैं, बिजली बिल की वसूली। जिले में ऐसे गांवों की सूची तैयार की जा रही है जहां लोग बिजली का भरपूर इस्तेमाल कर रहे हैं, लेकिन बिल जमा करने वालों की संख्या बेहद कम है। DM के मुताबिक कुछ गांवों में करीब 50 बिजली कनेक्शन होने के बावजूद महज दो उपभोक्ता ही बिल जमा करते हैं। ऐसे गांवों को चिह्नित कर बिल वसूली में सख्ती की जायेगी।
20 गांवों में 13 घंटे बिजली गुल, गर्मी में परेशान रहे लोग
एक तरफ बिजली सुधार का अभियान चल रहा है, तो दूसरी ओर फाल्ट ने ग्रामीणों की परेशानी बढ़ा दी। तुलसीपुर बिजली उपकेंद्र के हरैया फीडर की आपूर्ति बाधित होने से करीब 20 गांवों में लगभग 13 घंटे बिजली गुल रही। प्रभावित गांवों में बदलपुर, उदईपुर, छतुवापुर, दुदुरा, खैरी, खैरा, केवलपुर बड़वा, कोहरौडा, अलाहडीह, प्रेमनगर, मदरहवा, लालनगर, सिपहिया, जुम्मनडीह, महादेव जमुनी सहित अन्य गांव शामिल रहे। स्थानीय कुछ उपभोक्ता का कहना है कि जरा सी हवा चलने पर बिजली काट दी जाती है। शिकायत के लिये फोन करने के बावजूद अधिकारियों और कर्मचारियों की ओर से समय पर ध्यान नहीं दिये जाने का भी आरोप लगाया। रविवार रात करीब 11 बजे से सोमवार दोपहर 1 बजे तक आपूर्ति बाधित रही।







