Ormanjhi(Kuldeep Tiwari) : जमीन का एक टुकड़ा और उस पर दो दावेदार। कोई खरीद का कागज दिखा रहा है, तो कोई पुश्तैनी जोत-कोड़ और लंबे कब्जे की बात कर रहा है। मामला दो साल से उलझा है और अब इसकी गूंज चन्द्रा ग्राम सभा तक पहुंच गई है। मंगलवार को ओरमांझी के पंचायत सचिवालय में दोनों पक्ष आमने-सामने हुये, लेकिन कागजात की तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं होने के कारण कोई सहमति नहीं बन सकी। मामला चन्द्रा मौजा के राउता जारा गांव स्थित खाता संख्या 33 की 11 एकड़ 42 डिसमिल जमीन से जुड़ा है। जमीन के मालिकाना हक को लेकर दोनों पक्ष अपनी-अपनी दावेदारी कर रहे हैं। विवादित जमीन पर एक पक्ष का दावा है कि उसने जमीन खरीदी है। वहीं दूसरे पक्ष का कहना है कि उक्त जमीन पर उनका लंबे समय से कब्जा है और तीन पीढ़ियों से परिवार जमीन की जोत-कोड़ करता आ रहा है। यही दावेदारी अब विवाद की सबसे बड़ी वजह बन गई है। मंगलवार को चन्द्रा पंचायत सचिवालय में ग्राम सभा बुलाकर दोनों पक्षों को अपनी बात रखने का मौका दिया गया। ग्राम सभा में संबंधित जमीन से जुड़े दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा गया, लेकिन दोनों पक्ष सभी आवश्यक कागजात प्रस्तुत नहीं कर सके। दस्तावेजों की कमी के बीच दोनों पक्ष अपनी-अपनी बात पर कायम रहे। इसी दौरान बैठक में कुछ देर के लिये हो-हंगामा भी हुआ। माहौल बिगड़ता देख ग्राम सभा को स्थगित कर दिया गया। ग्राम सभा की ओर से दोनों पक्षों को आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिये 15 दिनों का समय देने की बात थी। हालांकि, बैठक में हुये हंगामे के बाद सभा समाप्त कर दी गई और अब मामले पर अगली बैठक में चर्चा करने की बात कही गई है। ग्राम सभा की अध्यक्षता ग्राम प्रधान विनोद मुंडा ने की, जबकि संचालन जेठू मुंडा ने किया। बैठक में ओरमांझी पश्चिमी जिला परिषद सदस्य कमिश्नर मुंडा, बाबूलाल महली, सुरेंद्र, संदीप सहित दोनों पक्षों के लोग और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। सुने क्या बोले जमीन के दावेदार….







